हरदोई। विभागों की योजनाआें के प्रभावी ढंग से संचालन को प्रति वित्तीय वर्ष जिला योजना से प्रस्ताव तैयार किए जाते हैं और उससे मिली धनराशि से कार्य कराया जाता है। हालांकि, बीते दो वर्ष से सिर्फ प्रस्ताव ही बनाए गए, पर शासन से विभागों को पूरा बजट न मिलने से कार्य अधूरे हैं। बहरहाल नया वित्तीय वर्ष शुरू होते ही एक बार फिर जिला योजना के प्रस्ताव तैयार करने को विभागों को पत्र जारी कर दिया गया।
विभागों को मतदान के बाद प्रस्ताव पर चरचा करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले की सभी ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और नगर निकाय में विकास संबंधित कार्यों को पूरा कराने के लिए जिला योजना से प्रस्ताव बनाए जाते हैं। जिला योजना में सभी विभागों से योजनाओं और निर्माण कार्यों का संचालन करने के लिए बजट मांगा जाता है। सभी विभागों से बजट आने के बाद आला अधिकारी उस बजट पर वृहद चरचा करते हैं और जिस विभाग को जितनी धनराशि की आवश्यकता होती है, उसके लिए उतनी ही राशि देने को शासन से अनुमोदित किया जाता है। जिसे शासन से अधिकृत किए गए मंत्री द्वारा स्वीकृत कराया जाता है।
ज्ञात हो कि बीते दो वित्तीय वर्ष 12-13 और 13-14 में जिले में कुल 242.56 करोड़ की धनराशि के प्रस्ताव तैयार किए गए और उन्हेें स्वीकृत दी गई। हालांकि, यह बात अलग रही कि दोनों ही वित्तीय वर्ष में स्वीकृति मिलने के बाद भी शासन ने पूरा बजट आवंटित नहीं किया। जिस कारण से प्रस्तावित कार्य पूरे नहीं हुए और वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद उन कार्याें पर दोबारा चरचा भी नहीं हुई। वहीं अब नया वित्तीय वर्ष शुरू हो गया है और एक बार फिर से जिले के अधिकारियों के निर्देश पर विभागों ने जिला योजना के प्रस्ताव तैयार करने शुरू कर दिए। इस बार भी दो अरब रुपये की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
वैसे तो लोकसभा चुनाव को लेकर अभी अधिकारी व कर्मचारी व्यस्त हैं, पर प्रस्ताव तैयार कराए जा रहे हैं। आला अधिकारियों ने मतदान के बाद प्रस्ताव पर चरचा करने तथा आचार संहिता हटने के बाद प्रस्ताव का अनुमोदन कराने के निर्देश दिए हैं।