हरदोई। गुरुवार को चेतावनी बिंदु से काफी आगे निकल कर खतरे के निशान के पास पहुंच रहे गंगा का जलस्तर शुक्रवार को करीब 20 सेमी घटकर 136.70 पर आ गया, मगर इसके बाद भी अभी भी बाढ़ की संभावना बनी हुई है, क्योंकि गंगा का जलस्तर अभी भी चेतावनी बिंदु से करीब 10 सेमी ऊपर है और शुक्रवार को बांधों से करीब डेढ़ लाख क्यूसिक पानी गंगा नदी में छोड़ा गया।
इससे माना जा रहा है कि जलस्तर फिर से बढ़ेगा ऐसे में बाढ़ को लेकर सजग रहना जरूरी है। यह अलग बात है कि नदियों का जल स्तर घटने किसी हद तक राहत की सांस मिलने के साथ ही लोगों में बाढ़ की भयावहता को लेकर खौफ कुछ कम हुआ है। गंगा के साथ ही रामगंगा का भी जलस्तर घटा है। रामगंगा का जलस्तर शुक्रवार को करीब 40 सेमी घटकर 135.80 पर आ गया है, जबकि गर्रा नदी का भी जलस्तर करीब 25 सेमी घटकर 144.65 पर आ गया है। इसके बाद भी अभी बाढ़ का खतरा पूरी तरह से टला नहीं है, क्योंकि उत्तराखंड में हो रही बारिश से के बाद लगातार छोड़े जा रहे बांधों से पानी को लेकर बाढ़ की संभावनाएं बनी हुई है।
यह अलग बात है कि गुरुवार को कुछ क्षेत्रों में नदी किनारे बसे गांवों में हुए कटान के बाद बढ़े खौफ से नदियों का जलस्तर घटने के बाद किसी हद तक राहत मिली है। इस बाबत सवायजपुर एसडीएम डा. अशोक शुक्ला ने बताया कि नदियों का जलस्तर घटा है, पर पानी फिर से बढ़ सकता है। ऐेेसे में सजग रहने के साथ ही हर स्तर पर निगाह रखी जा रही है।