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महमूदपुर सरैयां में उठा 72 पटकों का अलम

Hardoi Updated Thu, 11 Dec 2014 05:30 AM IST
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पिहानी (हरदोई)। बहत्तर शोहदा-ए-करबला की याद में इलाके के महमूदपुर सरैयां गांव में बुधवार को 72 पटकों का अलम उठाकर बाहरी अंजुमनों ने गमे हुसैन को ताजा करते हुए नौहाख्वानी और सीनाज़नी की। इस दौरान बरपा मजलिसे अज़ा में 72 हकपरस्तों की बेमिसाल कुरबानी को याद करते हुए रोया गया। कार्यक्रम में दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, मुरादाबाद, एटा और जौनपुर आदि जिलों से अंजुमने यहां पहुंची थीं।
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सुबह कार्यक्रम की शुरुआत मजलिस के साथ हुई। इसमें नवासा-ए-रसूल इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत को याद करते हुए अजादारों ने सिसकियां भरीं। फिर स्थानीय अंजुमन ने 72 पटकों का अलम बरामद किया। इसमें करबला के 72 शहीदों को याद किया गया था। अलम के जुलूस में शामिल दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, मुरादाबाद, एटा, जौनपुर, पियाबाग और पिहानी की अंजुमनों ने नौहाख्वानी और सीनाज़नी की। मशहूर नौहाख्वां गौहर के नौहों पर भी मातम किया गया।
इसके बाद इमाम हुसैन के साथ करबला के सभी 72 शहीदों की शबीहे ताबूत निकाली गई। इमामबाड़े से एक-एक कर बरामद होते ताबूतों को देख कर अजादारों की सिसकियां बढ़ती जा रहीं थीं। यहां से गांव के परंपरागत रास्ते तय करता हुआ जुलूस करबला पहुंचा। ताबूत सुपुर्दे खाक करने के बाद जुलूस का समापन हुआ। कार्यक्रम में पिहानी, पियाबाग, गजुआखेड़ा, बढै़या, हरदोई आदि स्थानों से लोग यहां पहुंचे थे। अलविदाई नौहे के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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