हाथरस। बिजली संकट को लेकर शनिवार को ग्रामीण इलाकों में लोगों का धीरज जवाब दे गया। रात में गांव बघराया के लोगों ने 33 केवी महौ बिजलीघर पर जमकर हंगामा किया। गुस्साए ग्रामीणों ने सब स्टेशन प्रभारियों को बिजलीघर से बाहर निकालकर मशीनें बंद करा दीं और बिजलीघर पर कब्जा कर लिया। बिजलीघर में तोड़फोड़ भी की गई। दोनों एसएसओ के साथ हाथापाई भी की गई। महौ बिजलीघर से शनिवार को सुबह 9 से शाम साढ़े पांच बजे तक इस बिजलीघर को सप्लाई दी गई। शाम को शेड्यूल खत्म होते ही इसकी बिजली बंद कर दी गई। बताते हैं कि देर शाम गांव बघराया के काफी लोग ट्रैक्टर-ट्रालियों में भरकर महौ बिजलीघर पर पहुंच गए और वहां हंगामा शुरू कर दिया। इन लोगों का कहना था कि एक तो वैसे ही उनके गांव को बिजली नहीं मिल पा रही। जब वह खेत में पानी लगाने का काम शुरू करते हैं, वैसे ही बिजली बंद कर दी जाती है। बिना पानी के कैसे उनकी फसल हो पाएगी।
इन लोगों ने वहां मौजूद दोनों एसएसओ को बंधक बनाकर बिजलीघर से बाहर निकाल दिया और बिजलीघर को ठप कर दिया गया। एसएसओ ने जब विरोध किया तो उनके साथ हाथापाई और धक्का-मुक्की शुरू कर दी गई। इस बीच इसकी सूचना एसएसओ ने अवर अभियंता को दे दी तो उन्होंने थाना हाथरस जंक्शन पुलिस को अवगत कराया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई, लेकिन तब तक यह लोग वहां से जा चुके थे। जाते-जाते यह लोग चेतावनी दे गए कि अगर बिजली सप्लाई की स्थिति नहीं सुधारी तो वह उन्हें यहां चैन से नहीं बैठने देंगे।
अवर अभियंता विनोद कुमार का कहना है कि हंगामा करने वालों को पहचान लिया गया है। इनके खिलाफ रविवार को मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इस तरह की हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। जितनी बिजली ऊपर से मिल रही है, उतनी गांवों को दी जा रही है।