हाथरस। लखनऊ में मंगलवार को सेना दिवस के मौके पर होने वाले समारोह के अवसर पर हाथरस के भी एक जांबाज को सेना पदक से सम्मानित किया जाएगा। शहर के इस जांबाज सैनिक ने 8 अक्तूबर 2011 को जम्मू-कश्मीर में अपनी तैनाती के दौरान एक मुठभेड़ के बाद दो आतंकियों को मारा गिराया था। इस मुठभेड़ में मेजर भरत शर्मा भी आतंकियों की गोलियाें से बाल-बाल बच गए थे।
शहर के सरस्वती शिशु मंदिर वाली गली में रहने वाले सिंचाई विभाग के एसडीओ वीपी शर्मा के पुत्र मेजर भरत शर्मा ने सेंट फ्रांसिस स्कूल से हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। शुरू से ही मेधावी रहे भरत शर्मा ने इसके बाद आगरा में सेंट जोंस स्कूल से बीएससी की। 2003 एनडीए से कमीशन की पढ़ाई करने के बाद वह सेना में मेजर के पद पर भर्ती हो गए। 2011 में शर्मा की तैनाती जम्मू-कश्मीर में थी। इसी दौरान 8 अक्तूबर 2011 को जब वह तहसील कंगना जिला गर्धबल जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। तभी उन्हें एक मकान में आतंकियों के ठहरने की सूचना मिली। इसी सूचना के आधार पर वह ने अपने साथी जवानों के साथ रात्रि 12 बजे से तैयारी की और सुबह चार बजे जिस मकान में आतंकवादी ठहरे हुए थे, उसे घेर लिया, लेकिन इसी दौरान आतंकियों को भी मिलिट्री द्वारा घेरे जाने की जानकारी हो गई, जिससे आतंकियों ने मिलिट्री की इस टुकड़ी पर एके 47 राइफलों से फायरिंग शुरू कर दी। दोनों तरफ से कई घंटों तक गोलीबारी होती रही। अंत में मेजर भरत शर्मा के कुशल नेतृत्व में टुकड़ी ने दो आतंकियों को मार गिराया। भरत शर्मा को उनकी इसी जांबाजी के लिए मंगलवार को लखनऊ में सेना दिवस के मौके पर मेजर मध्य कमान के लेफ्टिनेंट जर्नल अनिल चैत सेना पदक से सम्मानित करेंगे। उनकी इस उपलब्धि पर पूरा परिवार फर्क महसूस कर रहा है और उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है। भरत को उनके नाते-रिश्तेदार और परिचितों ने भी बधाई दी है।