हाथरस। बिजली संकट ने पब्लिक की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं। शनिवार को आधी रात से लेकर दोपहर तक बिजली संकट से जूझे शहरवासियों के लिए रविवार की रात बड़ी मुसीबत लेकर आई। आगरा और मीतई के बीच 220 केवी की ट्रांसमिशन लाइन टूटने से 220 केवी मीतई विद्युत उपसंस्थान की बिजली ठप हो गई, जिससे पूरा जिला अंधेरे में डूब गया। देर रात जिले की बिजली हरदुआगंज की लाइन से चालू करने की तैयारी की जा रही थी।
रात करीब 8 बजे एकाएक 220 केवी मीतई पारेषण केंद्र ठप हो गया, जिससे ट्रांसमिशन अधिकारियों में खलबली मच गई। 400 केवी आगरा उपसंस्थान से संपर्क साधा तो पता चला कि हाथरस और आगरा के बीच में ट्रांसमिशन लाइन टूटने से यह समस्या आई है। मीतई से हाथरस, सादाबाद, सासनी, बामौली के अलावा गोकुल के 132 केवी बिजलीघर की बिजली भी ठप हो गई, जिससे असर इनसे जुडे़ शहर और देहात के सभी 33 केवी बिजलीघर प्रभावित हुए। जिले का 80 फीसदी हिस्सा अंधेरे में डूब गया।
आगरा पारेषण केंद्र के अधिकारियों ने बताया कि ट्रांसमिशन न लाइन पर सोमवार की सुबह ही काम शुरू कराया जा सकेगा। वो तो गनीमत है कि मीतई का एक सर्किट हरदुआगंज ग्रिड से भी है, वरना जिलावासियों को कम से कम 24 घंटे बिना बिजली के रहना पड़ सकता था। हाथरस के ट्रांसमिशन अधिकारियों ने आनन-फानन इसे हरदुआगंज की लाइन से जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी गई। देर रात तक हरदुआगंज से हाथरस की बिजली चालू होने की उम्मीद थी, लेकिन ओवरलोडिंग को देखते हुए हरदुआगंज ट्रांसमिशन के अधिकारी भी हाथरस को बिजली देने से बच रहे थे।
छह घंटे कंट्रोल ने भी कटवाई शहर की बिजली
मुरादाबाद कंट्रोल रूम से भी शहर में आधी रात से लेकर रविवार की रात 6 घंटे बिजली कटवाई। सबसे पहले शनिवार रात 12 से तड़के 2 बजे तक बिजली कटवाई गई। फिर सुबह 9 से 11 बजे तक दो घंटे के लिए शहर में बिजली कटवाई गई और उसके बाद रात 8 बजे फिर कंट्रोल से दो घंटे की कटौती का फरमान आया। बिना बिजली के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सुबह-सुबह पानी का भी संकट झेला।
आगरा से पारेषण लाइन टूटने की वजह से रात में यह समस्या आई है। ट्रांसमिशन अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि रात तक वैकल्पिक व्यवस्था से बिजली चालू कर दी जाएगी।
यूसी वर्मा, अधिशासी अभियंता शहर