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बम-बम भोले के जयघोषों से गूंजा शहर

Hathras Updated Sat, 09 Mar 2013 05:30 AM IST
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हाथरस। महाशिवरात्रि का पर्व रविवार को धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। भगवान शिव को खुश करने के लिए भक्त कोई कमी नहीं छोड़ना चाह रहे हैं। भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए गंगाघाटों से कांवड़ लेकर कांवड़ियों की टोली भी लौटना शुरू हो गई हैं। कांवड़ियों की टोली बम-बम भोले का जयघोष करती हुई जा रही थी। जिससे पूरा शहर शिव की भक्ति में डूबा हुआ दिखाई दिया। महाशिवरात्रि के पावन त्योहार को मनाने के लिए शिवभक्त कोई कमी नहीं छोड़ना चाहते हैं। भगवान शिव को मनाने के लिए भक्त अच्छी से अच्छी तैयारी में जुटे हुए हैं। शहर और आसपास के कस्बों से बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़ियों ने शुक्रवार को गंगाघाटों की ओर कूच किया। गंगाघाटों से कांवड़ लेकर आने वाले कांवड़ियों की टोलियों के विश्राम करने के लिए जगह-जगह सेवा शिविरों का आयोजन किया गया। शिवमंदिरों में भक्त तैयारी में जुटे रहे। मंदिरों में रगाई-पुताई और साफ-सफाई काम किया गया। भक्त बाजार में खरीददारी करते नजर आए। जिससे बाजार में कई जाम लग गया। शिवरात्रि त्योहार की अलग ही रौनक दिख रही थी। रोड से गूंज रही कांवड़ियों की टोली बम-बम भोले का जयघोष करती हुई जा रही थी। जिससे पूरा इलाका शिव की भक्ति में रंगता दिखाई दे रहा था।
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पिछले कई दिनों से सुस्त पड़े बाजारों में महाशिवरात्रि पर्व से एक दिन पहले अच्छी-खासी रौनक दिखाई दी। महंगाई के बावजूद भगवान शिव को खुश करने के लिए शिवभक्तों नेकांवड़ सजाने के लिए जमकर खरीददारी की। शिवभक्तों की इस कदर भीड़ गली हुई थी। घंटों खड़े होने पर भी उनका नंबर नहीं आ रहा था। शिवरात्रि के पावन पर्व भगवान शिव को खुश करना है तो जलाभिषेक करने के लिए गंगाजल भी जरूरी है। शहर और कस्बों से बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़ लेने के लिए सौरों, राजघाट, कछला, रामघाट, हरिद्वार आदि गंगाघाटों से कांवड़ लाने के लिए कांवड़ियों ने कूच किया। शहर के शिव मंदिरों में पूरे दिन साफ-सफाई और रंगाई पुताई का कार्य चला। कई जगह शिवरात्रि पर्व से एक दिन पहले श्रीरामचरितमानस पाठ का आयोजन किया गया। शिवमंदिरों को बड़े ही सुंदर तरीके से सजाने में भक्त लगे हुए थे। राजघाट और सौरों एवं कछला से कांवड़ लेकर राजस्थान और मध्यप्रदेश एवं आगरा की ओर जा रही कांवड़ियों की टोलियों के कई जगह शहर में सेवा शिविर लगाए गए। सेवा शिविरों में थके हुए कांवड़ियों रुक-रुक आराम कराया जा रहा था। कांवड़ियों के लिए चाय नाश्ता एवं दवाई आदि व्यवस्था कराई गई।
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