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हैंडपंपों का 7.4 लाख पी गया जल निगम!

Hathras Updated Wed, 19 Jun 2013 05:30 AM IST
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हाथरस। शिक्षा सत्र 2012-13 में बेसिक शिक्षा विभाग का 7.4 लाख रुपया तो जल निगम ही हड़प गया। विभाग ने इस सत्र में 22 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में इंडिया मार्का टू नल लगावाने के लिए 32 हजार रुपये प्रति नग के हिसाब से पैसा जल निगम को दिया था, लेकिन जल निगम ने इन विद्यालयों में न तो नल लगवाए और न ही बेसिक शिक्षा विभाग का पैसा वापस किया। यह खुलासा बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा कराई गई जांच-पड़ताल में हुआ है। बेसिक शिक्षा परिषद के सभी प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा का स्तर सुधारने और शिक्षक एवं विद्यार्थियों को सुविधा प्रदान करने के नाम पर करोड़ों रुपया खर्च किया जा रहा है। इसके बावजूद विद्यार्थियों को इन स्कूलों में सुविधाओं के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है। सर्व शिक्षा अभियान के माध्यम से जिले में नवनिर्मित सभी प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए 32 हजार रुपये प्रति विद्यालय के हिसाब से हैंडपंप लगाने का पैसा दिया जाता है। इस पैसे को बेसिक शिक्षा विभाग जल निगम को सौंप देता है। उसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है कि वहां नल लगवाए। शिक्षा सत्र 2012-13 में भी बेसिक शिक्षा विभाग ने जल निगम को सादाबाद ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय नगला मदारी, गढ़ी अंचा, गढ़ी रंजीता, आदर्श नगर, बिजना, विषघोरा, नगरिया मई, हसायन ब्लॉक के नगला दली, अल्हैदीनपुर, कमसारा, ढडोरा, महाराजपुर, हरीपुर, सैगला, नगला नाई, उच्च प्राथमिक विद्यालय नगला ब्राह्मणान, नगला गोविंद, शंकरपुर के अलावा ब्लॉक सासनी के नगला रतना, नगला बल्देव, नगला सरदा, चंदनपुर आदि 22 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में इंडिया मार्का टू हैंडपंप लगवाने के लिए पैसा दिया, लेकिन पूरा सत्र बीत जाने के बाद भी जल निगम ने इन स्कूलों में नल नहीं लगवाए और इस पैसे को हड़प कर लिया। बीएसए देवेंद्र कुमार गुप्ता कहा कि परिषदीय विद्यालयों में खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से सर्वे कराया गया, जिसमें प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों की जानकारी कराई गई है। सर्वे के बाद 22 विद्यालय ऐसे प्रकाश में आए हैं, जिनका पैसा जल निगम को दिए जाने के बावजूद अभी तक इंडिया मार्का टू नल नहीं लगे हैं। जल निगम के एक्सईएन को इस संबंध में पत्र लिखकर नल लगवाने की मांग की जा रही है।
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