हाथरस। शहर के घंटाघर-मोहनगंज में एक दुकान के विवाद को लेकर मंगलवार को खासा बवाल हो गया। जब कई थानों की फोर्स के साथ सीओ सिटी इस दुकान पर एसडीएम का आदेश तामील कराके कुर्क करने के लिए पहुंचे तो उन्हें कड़े विरोध का सामना करना पड़ा और तीखी भिड़ंत हो गई। तीखा विरोध देखकर पुलिस ने भी अपने तेवर दिखा दिए और विरोध कर रहे एक व्यापारी, उसके परिजनों और महिलाओं पर जमकर लाठीचार्ज कर दिया। महिलाओं को सड़क पर घसीटकर पीटा गया। व्यापारी की पिटाई और महिलाओं से हुई बदसलूकी से आक्रोशित होकर वहां काफी व्यापारी एकत्रित हो गए और खासा हंगामा खड़ा हो गया। कुछ देर के लिए आसपास का बाजार बंद हो गया और व्यापारियों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। तीव्र विरोध को भांपकर पुलिस को बैकफुट पर आना पड़ा। कुछ सपा और व्यापारी नेताओं ने जब वहां मामला शांत कराया तो ताला लगाने गई पुलिस वहां से बैरंग लौट आई। मारपीट और हंगामे कई व्यापारी चोटिल हुए हैं। स्थानीय मोहनगंज निवासी तेल व्यवसायी अनिल वार्ष्णेय ने अपने ही बाजार में एक दुकान खरीदी है। बताते हैं कि उसमें उनका माल भी भरा हुआ है। एक और व्यापारी का भी इस दुकान को लेकर केस चल रहा है और मामला जिला न्यायालय में विचाराधीन है। पिछले दिनों इस मामले में दूसरे व्यापारी के पक्ष के प्रार्थना पत्र पर एसडीएम सदर ने धारा 145,146 के तहत आदेश कर दिया था। उस समय पुलिस जब वहां आदेश को तामील कराने के लिए पहुंची थी तो पुलिस का संख्या बल कम था और वहां व्यापारी एकत्रित हो गए थे। परिणामस्वरूप पुलिस यह कार्रवाई नहीं कर पाई थी।
अब मंगलवार को सीओ सिटी आरएस चौहान की अगुवाई में कई थानों का फोर्स, क्यूआरटी और महिला पुलिस वहां पहुंची। पुलिस वहां कुर्की के उद्देश्य से कब्जा करने पहुंची थी। पुलिस के पहुंचने की जानकारी अनिल वार्ष्णेय और उनके अन्य परिजनों को मिल गई। यह लोग वहां पहुंच गए और पुलिस की कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। वहां इस परिवार की महिलाएं भी आ गईं। विरोध के चलते वहां पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की हो गई। यह देखकर पुलिस ने वहां बल प्रयोग और लाठीचार्ज शुरू कर दिया। इससे वहां अफ रा-तफरी मच गई। लाठीचार्ज के बाद भी जब अनिल वार्ष्णेय, उनका पुत्र राहुल के अलावा उसकी बहन स्वर्णिमा, मुक्ता वार्ष्णेय आदि महिलाएं नहीं हटीं तो आरोप है कि पुलिस ने इन्हें घसीटकर गाड़ी में डालने का प्रयास किया। जमकर पिटाई भी की गई। पूरा नजारा देखकर आसपास के व्यापारियों की वहां भीड़ लग गई। एक व्यापारी पर यह जुल्म होते देख अन्य व्यापारियों का गुस्सा भड़क गया।
इन लोगों ने वहां खासी नारेबाजी शुरू कर दी और स्पष्ट कह दिया कि वह किसी भी सूरत में पुलिस की इस तरह की हरकत बर्दाश्त नहीं करेंगे। जब जिला न्यायालय में मामला विचाराधीन है तो फिर क्यों दखलंदाजी की जा रही है। मौके पर व्यापारी नेता मदनमोहन अपना वाले, राजीव वार्ष्णेय, सपा नगराध्यक्ष श्यामसुंदर शर्मा बंटी, सभासद वैभव गौतम, राधेश्याम अग्रवाल, प्रवीन वार्ष्णेय, मनोज कुमार राया वाले सहित काफी व्यापारी वहां पहुंच गए। मौके पर काफी हो-हल्ला होता रहा। इन व्यापारियों का आरोप था कि पुलिस एक सत्ताधारी नेता के दवाब में यह कार्रवाई कर रही है। बाद में सपा नेता बंटी भैया और अन्य व्यापारी नेताओं ने सीओ सिटी से बात की तो सीओ सिटी का कहना था कि वह तो एसडीएम के आदेश का पालन कराने के लिए आए हैं। यदि व्यापारियों को कोई शिकायत है तो वह एसडीएम से मिल लें। बाद में काफी व्यापारी एसडीएम सदर से मिलने तहसील पहुंचे और वहां उनके समक्ष अपना पक्ष रखा।