सिकंदराराऊ। कृत्रिम दूध के खिलाफ प्रशासन के सक्रिय होने से जहर के कारोबारियों में खलबली मच गई है। शनिवार को एसडीएम आरपी कश्यप के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज वर्मा की टीम ने नगर और ग्रामीण क्षेत्र की डेयरियों से दूध के नमूने लेने के लिए अभियान चलाया। दो संचालक डेयरी छोड़ कर भाग गए और दो के सैंपल लिए गए। इनके लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। कृत्रिम दूध बनाने की सामग्री बेचने वालों पर रासुका भी लगाई जा सकती है। सुबह सबसे पहले कोतवाली के समीप सहजू की डेयरी पर छापेमारी की गई। उसे किसी प्रकार छापे की भनक लग गई थी। यही वजह है कि यहां टीम को एक बूंद दूध नहीं मिला। बताया गया कि दोपहर 11 बजे के बाद दूध आता है। गांव भटीकरा में हजारी पुत्र धर्मपाल सिंह की डेयरी पर छापा मारा गया। यहां दूध के सैंपल लिए गए। वाजीदपुर निवासी मुकेश गुप्ता की डेयरी पर छापा मारा गया। इसका संचालक डेयरी बंद करके ही भाग गया । वाजीदपुर के ही नरेश सिंह की डेयरी से भी सैंपल लिए गए, लेकिन संचालक नदारद मिला। दोनों के लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई के लिए लिखा-पढ़ी की जा रही है। एसडीएम ने बताया कि डीएम का कृत्रिम दूध की बिक्री रोकने के लिए कड़ा रुख है। किसी भी कीमत पर कृत्रिम दूध करोबार को पनपने नहीं दिया जाएगा। मंडी गांधीगंज में ग्लूकोज प्रकरण में एसडीएम ने कहा कि मामले की तह में पहुंचा जा रहा है।