हाथरस। शासनादेश के विरुद्ध छठवें वेतनमान का एरियर निकालने के मामले में आयुक्त ग्राम्य विकास ने अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। प्रदेश के ज्यादातर जिलों में कर्मचारियों द्वारा शासनादेश का पालन किए बिना एरियर की धनराशि अपनी मनमानी से निकाल ली थी, जिसमें अब प्रदेश के 20 जिलों के उन कर्मचारियों की सूची तैयार कर ली गई है, जिन्होंने एरियर के लिए फाइलें तैयार कीं और गलत तरीके से सरकारी धन को निकाला। शासन स्तर से इन कर्मचारियों की सूची जिला स्तर से लेने के बाद अब इन पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। प्रदेश के 20 जिलों में 40 ऐसे कर्मचारी पाए गए हैं, जिन्होंने बिना शासनादेश के अन्य विभागीय कर्मचारियों का भी एरियर निकाला। इन कर्मचारियों को शासन स्तर से दोषी मानते हुए इनसे स्पष्टीकरण तलब करने के आदेश जारी किए गए हैं। आयुक्त ग्राम्य विकास ने सभी जिलों के परियोजना निदेशकों को यह पत्र जारी किया है कि वह दोषी कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लेकर उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराएं, जिससे इन कर्मचारियों के विरुद्ध आगे की कार्रवाई की जा सके। आदेश से हाथरस के कर्मियों में भी खलबली मच गई है। इन जिलों के कर्मचारियाें से मांगा स्पष्टीकरण
बुलंदशहर, ज्योतिबाफूलेनगर, कौशांबी, औरेया, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, मऊ, मैनपुरी, एटा, आजमगढ़, महोबा, बलरामपुर, बागपत, बिजनौर, हाथरस, रमाबाई नगर, मिर्जापुर, सोनभद्र, संत रविदासनगर और गोंडा ।