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...इंग्लैंड, जापान, चीन में हिंदी का सम्मान हो रहा है

Hathras Updated Tue, 17 Sep 2013 05:36 AM IST
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सासनी। नगर की साहित्यिक संस्था उद्घोष के बैनर तले रविवार को हिंदी दिवस के अवसर पर ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक राम कुमार सिंह के आवास पर सरस काव्य निशा का आयोजन पं.राम निवास उपाध्याय की अध्यक्षता में हुआ। जिसका संचालन व्यंगकार कवि वीरेंद्र जैन नारद ने किया। काव्य निशा का शुभारंभ अध्यक्ष ने मां सरस्वती के छवि चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर किया। इसके बाद डॉ. ओम शास्त्री ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
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कवि धर्मेंद्र यदुवंशी ने कहा कि कौन कहता है कि हिंदी का अपमान हो रहा है, इंग्लैंड, चीन, जापान में हिंदी का सम्मान हो रहा है। डॉ. कयूम खां ने अपनी कविता को यूं पढ़ा कि हिंदी भाषा भूल रहे है बच्चे हिंदुस्तान से। अंग्रेजी भाषा सीख रहे है अमेरिका जापान से।। मशहूर शायर हनीफ संदली ने कहा कि ये कैसी दिल की बुझा रहे हैं, लगी और वो लगा रहे हैं, मिजाज मेरा वो पूछने को, छुपा के बारूद ला रहे है। शायर मुन्ना खान शम्स ने सुनाया कि खामोश मुहब्बत की कोई न जुवां समझा, बेदर्द जमाने ने मेरा दर्द कहां समझा। कवि कृष्ण गोपाल ने काव्य व्यंग प्रस्तुत करते हुए कहा कि देश में शिक्षा का कैसा विकास हो गया है। पप्पू बिन पढ़े लिखे ही पास हो गया है। अध्यक्षता कर रहे राम निवास उपाध्याय ने कविता पढ़ी कि ताजी रोटी रो रही ,हंस रही बासी ब्रेड। हिंदी को बिंदी मिली ,इंग्लिश को दि ग्रेड। संचालन कर रहे वीरेंद्र जैन नारद ने सुनाया कि हिंदी अपनी जान है प्यारे, हिंदी अपनी शान है प्यारे। वो मिठास क्या जाने इसकी ,जो इससे अनजान है। विनोद कुमार जैसवाल, राम कुमार सिंह, वीर पाल सिंह वीर, आदि ने भी काव्य पाठ किया।
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