हाथरस। लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय लोक दल पूरी जांच पड़ताल के बाद ही प्रत्याशी उतारेगा। चुनावी मैदान में पार्टी जमीन से जुड़े नेताओं पर ही दांव लगाएगी। शनिवार को शहर के राजरानी मेहरा गेस्ट हाउस में हुए रालोद के कार्यकर्ता सम्मेलन में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सांसद जयंत चौधरी ने किसानों को भावनात्मक रूप से जोड़ने का प्रयास किया। उन्होंने प्रदेश में गिरते शिक्षा के स्तर के लिए सपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि देने के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जयंत ने कहा कि लोकसभा चुनाव के टिकट वितरण में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। टिकट वितरण से पहले पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की अग्निपरीक्षा ली जाएगी। ऐसे लोगों को टिकट दिया जाएगा, जो जनता से जुड़ी समस्याओं पर संघर्ष करेंगे। रालोद हमेशा मुद्दों पर चुनाव लड़ता है। केंद्र सरकार ने 7200 करोड़ का पैकेज देकर गन्ना किसानों को राहत दी है। किसानों के लिए खेती करना बहुत मुश्किल होता जा रहा है। सरकार ने उपचुनाव से पहले एक्सप्रेस वे पर कट देने और हवाई अड्डा बनवाने का वादा किया था, लेकिन कोई काम नहीं हुआ। सपा की सेल्फ सेंटर नीति से शिक्षा का सत्यानाश हो गया है। शिक्षा के बहाने खुलेआम लूट चल रही है, जो डिग्रियां दी जा रही हैं, वह मात्र एक कागज का टुकड़ा हैं। उन्होंने सीएम पर निशाना साधते हुए कहा कि खुद सीएम आस्ट्रेलिया में पढ़े हैं, इसलिए वह यह नहीं चाहते की यूपी के बच्चे भी अंग्रेजी बोलना सीख सकें। खुद सपा के कई सांसदों को चिट्ठी लिखकर पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग की थी, लेकिन किसी का जवाब नहीं आया। खुद अजित सिंह ने पश्चिमी यूपी में कई जगह हवाई पट्टी बनवाने की मांग की, लेकिन यूपी सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि संसद में जब-जब तेलंगना बनाने की मांग उठेगी, तब-तब वह पश्चिमी यूपी में हरित प्रदेश बनाने की मांग उठाते रहेंगे। उन्होंने बताया कि 15 से 21 दिसंबर तक सद्भावना यात्रा निकालेंगे। यह यात्रा कोसी पर समाप्त होगी। यह यात्रा रालोद के पदाधिकारी व कार्यकर्ता प्रत्येक जिले में आयोजित करेंगे। इसके माध्यम से सड़क, पानी, बिजली, खाद आदि की समस्याओं को लेकर आंदोलन किया जाएगा। 23 दिसंबर को मेरठ में रालोद की विशाल रैली होगी। इस मौके पर पूर्व विधायक एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश रालोद प्रभारी डॉ. अनिल चौधरी, विधायक दलवीर सिंह, किसान नेता गिरेंद्र चौधरी, रालोद प्रदेश सचिव प्रदीप उर्फ गुड्डू चौधरी, जिलाध्यक्ष रामनारायण वर्मा, कुंवर धर्मवीर सिंह, शामल पाटिल धनगर, निंरजन सिंह धनगर, पप्पू बघेल, सीपी सिंह धनगर, प्रेम सिंह जाटव, पृथ्वी सिंह आदि थे।