हाथरस। भीषण गर्मी और गर्म हवाओं के थपेड़ों से जनजीवन अस्त व्यस्त होकर रह गया है। दोपहर होते होते बाजारों, सड़कों पर सन्नाटा पसर रहा है। सरकारी कार्यालयों में फरियादियों की संख्या काफी कम होती जा रही है। गर्मी में संक्रामक रोग भी पैर पसार रहे हैं। प्राइवेट और सरकारी अस्पताल संक्रामक रोगों के मरीजों से भरे पडे़ हैं।
गर्मी आसमानी आफत बनकर टूट रही है। पारा लगातार छलांग लगा रहा है। अभी तो मई माह में ही गर्मी का यह रौद्र रूप देखने को मिल रहा है, तो जून में हालात अधिक खराब होने के आसार लगाए जा रहे हैं। सुबह होते ही लोग पसीने से तरबतर हो रहे हैं। चिलचिलाती धूप में लोग घरों से बाहर निकलना मुनासिब नहीं समझ रहे। सूरज की किरणों से निकल रहे अंगारों से जमीन दहक रही है। सड़क पर एक एक कदम रखना दूभर हो रहा है। रात में घरों के अंदर भी सोना काफी मुश्किल हो पा रहा है। लोग मकानों की छतों पर सो रहे हैं। गर्मी से बचाव के लिए लोग अंगोछा, कैप, छाता आदि का प्रयोग कर रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। बाजारों में मौसमी का जूस, चुस्की, बर्फ, आइसक्रीम, खीरा आदि की बिक्री बढ़ गई है। घरों में दूध दही का प्रयोग भी खूब हो रहा है। शरबत, लस्सी, शिकंजी और ठंडे पेय पदार्थों का सेवन किया जा रहा है। गर्मी से निजात हर तरह के जतन किए जा रहे हैं, लेकिन सूरज के तल्ख तेवरों के आगे किसी की नहीं चल रही।