सासनी। विकास खंड की ग्राम पंचायत मोहरिया के विकास कार्यों की जांच करने शनिवार को भारत सरकार के नेशनल लेवल मॉनीटर एमएस श्धोक्य के नेतृत्व में टीम पहुंची। ग्राम पंचायत के सभी अभिलेखों को खंगाला। मनरेगा से लेकर शासन की जनकल्याण कारी योजनाओं की भी समीक्षा की। इस दौरान संबंधित अधिकरियों के पसीने छूटते रहे। हालांकि जांच के बाद एनलएम संतुष्ट नजर आए।
शनिवार की सुबह टीम के गांव पहुंचते ही ग्राम प्रधान से लेकर खंड विकास अधिकारी और अधीनस्थों में खलबली मच गई। मनरेगा में प्राप्त धन और इससे हुए विकास कार्य और जॉब कार्ड आदि का सत्यापन किया। योजना में महिलाओं को तवज्जो दी गई है अथवा नहीं। महिलाओं के जॉब कार्ड के साथ कितने दिन काम मिला है। इसी प्रकार शासन की वृद्धा, विधवा एवं विकलांग पेंशन योजनाओं का सत्यापन किया। कितने लोग पात्र है और कितनों को पेंशन मिल रही है अथवा नहीं। पंचायत ने कितने इंदिरा आवास बनवाए हैं। पात्र लोगों को इनका लाभ मिला है या नहीं।
पेयजल योजना के तहत हैंडपंप, ओवर हेड टैंक आदि की जांच-पड़ताल की। गांव में पानी की निकासी के लिए नाली बनाई गई हैं या नहीं। गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को राशन सामग्री मिल रही है अथवा नहीं। शासन की जनकल्याण कारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। आवासों के साथ गांव में शौचालय बनाए गए हैं अथवा नहीं। ग्राम सभा की भूमि का आवंटन किया गया है या नहीं। इस दौरान ग्राम सभा की जमीन पर खड़े पेड़ों का विवाद उठाया गया। एनएलएम ने ग्रामीण जनता से संवाद कर समस्याओं की जानकारी के साथ ग्राम विकास के टिप्स भी दिए। प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालय और हायर सेंकेंडरी स्कूलों के भवन निर्माण, मिड-डे-मील वितरण आदि का भी सत्यापन किया। ग्राम प्रधान मथुरा प्रसाद, बीडीओ काली चरन सेक्रेटरी फूल सिंह, एडीओ धनीराम शर्मा आदि मौजूद थे।