हाथरस। जिले के 5 एडेड डिग्री कॉलेजों में सिर्फ एक डिग्री कॉलेज में ही कॉमर्स की पढ़ाई होती है। ऐसे में जिले के मेधावी बच्चे चाहकर भी बी.कॉम की पढ़ाई नहीं कर पाते। उन्हें अन्य जिलों में कॉमर्स की पढ़ाई के लिए जाना पड़ता है। इसका कारण है कि सिर्फ इस एकएडेड कॉलेज में बी.कॉम में सीटों की संख्या बेहद सिर्फ 160 है। इसी तरह एमकॉम की भी सिर्फ 70 सीटें हैं। पिछले कुछ वर्षों में हाथरस में बीकॉम की पढ़ाई का क्रेज बढ़ा है। लड़के ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में लड़कियां भी बीकॉम में आवेदन करती हैं। स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जनपद में सिर्फ एडेड पीसी बागला कॉलेज में बीकॉम और एमकॉम की पढ़ाई होती है और इसमें बीकॉम की सीटों की कुल संख्या मात्र 160 है। आरक्षण के बाद सामान्य छात्रों के लिए सिर्फ 80 सीटें ही बचती हैं। जाहिर है कि प्रवेश हाई मेरिट वालों को ही मिलता है। एडेड कॉलेजों के प्रति छात्र छात्राओं का झुकाव का एक प्रमुख कारण फीस स्ट्रक्चर होता है। निजी कॉलेजों में जाने की स्थिति में उन्हें हर साल फीस के रुप में तीन के बदले 10 हजार या उससे अधिक खर्च करने पड़ते हैं। आरडी डिग्री कॉलेज में भी बीकॉम शुरू करने का प्रयास चल रहा है, लेकिन फाइल डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से लेकर लखनऊ के बीच घूम रही है।