हाथरस। दिवाली को लेकर बाजार तैयार हो चुके हैं। दिवाली का पर्व 6 दिन बाद 23 अक्तूबर को मनाया जाना है। ऐसे में बाजार में दिवाली को लेकर आर्टिफिशियल साज-सज्जा के सामान की दुकानों से लेकर इलेक्ट्रोनिक्स की दुकानें भी सज गई हैं। घरों को जगमग करने के लिए विक्रेताओं ने मोमबत्तियों का भी स्टॉक कर लिया गया है। नए कपडे़ पहनने की परंपरा के चलते रेडीमेड कपड़ों की दुकानों पर भी ग्राहकों की खूब भीड़ उमड़ रही है। बाजार में हर तरफ खरीदारी का बूम आया हुआ है। शहर के बाजारों में इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानों पर विभिन्न डिजायनों में आकर्षक झालरें, इलेक्ट्रॉनिक्स दीपक, मोमबत्ती, शुभ लाभ, वंदनबार आदि का स्टॉक कर लिया गया है। इनकी बिक्री भी शुरू हो गई है। तीन-चार दिन बाद इनकी बिक्री में भारी इजाफा होगा। माल की कमी नहीं पड़े, इसलिए दुकानदारों ने पहले से ही इंतजाम कर लिए हैं। दुकानों को झालरों से दुल्हन की तरह सजाया गया है।बाजारों में दीपावली कैलेंडर, मोमबत्ती और दीपक सहित साज-सज्जा के लिए आर्टिफिशियल फूल, झालर, बंदरवान, शुभ लाभ, स्टीकर की काफी डिमांड है, ऐसे में इस तरह की सामग्री की दुकानें भी सजधज कर तैयार हो गई हैं। कई दुकानों को आकर्षक साज-सज्जा से दुलहन की भांति सजा दिया गया है। इससे ग्राहक इन दुकानों की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। दिवाली पर नए परिधान पहनने की परंपरा है। ऐसे में रेडीमेड कपड़ा विक्रेताओं के यहां ग्राहकों की जमकर भीड़ उमड़ रही है। इन दुकानों पर बच्चे, युवा, महिलाएं और पुरुष सभी अपनी पसंद की मुताबिक कपड़ों की खरीदारी कर रहे हैं। महिलाओं में फैंसी साड़ियों का अधिक क्रेज है। सबसे अधिक सीरियल वाली साड़ियों की डिमांड की जा रही है। बाजार में खील बतासे और लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की भी खूब डिमांड है। हालांकि बाजार मेें अभी मूर्तियों के फड़ तो नहीं सजे हैं, लेकिन दुकानों पर गणेश और लक्ष्मी प्रतिमाएं बिकने के लिए तैयार हैं। इन प्रतिमाओं को इस तरह से सजाया गया है कि आने वाले ग्राहक इन्हें लिए बिना नहीं रह सकें। मूर्तियों की खरीदारी भी बाजार से दो दिन बाद शुरू हो जाएगी। इधर, खील-बतासे वाले भी पर्व को भुनाने को तैयार हैं।
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