हाथरस(ब्यूरो)। नगरीय क्षेत्रों में आय आधारित जातिगत व सामाजिक जनगणना के लिए गुरुवार को कर्मियों को ट्रेनिंग दी गई। डीएम समेत सभी आला अफसरों ने गणना कर्मियों को उनकी जिम्मेदारियां समझाईं और कहा कि उन्हें निर्धारित समयावधि में यह सर्वे पूरा करना होगा। इस राष्ट्रीय अभियान में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।पुलिस लाइन के सभागार में हुई इस ट्रेनिंग में कर्मियों को समझाया गया कि नगरीय क्षेत्र में सर्वे के दौरान लोगों से पूछे जाने वाले सवाल बिल्कुल अलग हैं। एक अगस्त से नगर पालिका व नगर पंचायत क्षेत्रों में डोर-टू-डोर सर्वे शुरू होगा, जिसमें गणना कर्मी हर घर जाकर प्रोफार्मा में दिए गए सवालों के जवाब इकट्ठे करेंगे। जो सवाल लोगों से पूछे जाएंगे, उनकी पर्ची परिवार के मुखिया नाम से काटकर दी जाएगी और सवालों के जवाब खत्म होने के बाद मकान नंबर समेत उस परिवार से रिसीविंग भी ली जाएगी कि उन्होंने सभी सवालों के जवाब दिए हैं, जोकि पूरी तरह सही हैं। जनगणना खत्म होने के बाद प्रगणक हर घर पर एक स्टीकर भी चिपकाएंगे।
एक प्रगणक को 40 दिन में काम पूरा करना होगा। कर्मियों को सीडीओ रवि कुमार, परियोजना निदेशक डीआरडीए आरपी उपाध्याय, अर्थ एवं संख्याधिकारी एमपी सिंह, सहायक संख्याधिकारी दिनेश कुमार के अलावा वैम टेक्नोलॉजी के प्रतिनिधियों के अलावा 10 मास्टर ट्रेनरों ने भी प्रशिक्षण दिया।