जिले के लोगों को अब चौबीस घंटा बिजली मिलेगी। शासन ने इसके लिए शाहगंज तहसील के गैरवांह गांव में 400, 200, 132 केवी उपकेंद्र बनाए जाने का रास्ता साफ कर दिया है। इसके लिए 776 करोड़ 67 लाख रुपये की मंजूरी भी मिल गई है। यहां ओबरा से सीधे बिजली आएगी। मुख्यमंत्री ने 15 मार्च को ही लखनऊ में प्रतीकात्मक शिलान्यास किया था। जिले ही नहीं बल्कि इससे आजमगढ़, सुल्तानपुर और वाराणसी की बिजली आपूर्ति व्यवस्था भी सुधर जाएगी।
जिले की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है, लो वोल्टेज और कटौती से लेाग परेशान हैं। कब बिजली आएगी कब चली जाएगी कहा नही जा सकता। ऐसे में इसका 400 केवी उपकेंद्र का निर्माण हो जाने से लोग राहत की सांस ले सकेंगे। उपकेंद्र का निर्माण हो जाने के बाद इसे सीधे 400 ग्रिड अर्थात विद्युत उत्पादन उप केंद्र ओबरा से जोड़ दिया जाएगा। जिससे ओबरा से सीधे बिजली उपकेंद्र को आएगी। जिले में स्थापित उद्योगों को बिजली की समस्या से जुझना नहीं पड़ेगा।
वहीं जिले में हमेशा बिजली उपलब्ध होने के कारण कई और कंपनियां स्थापित हो सकती है। ट्रांसमिशन के अधिशासी अभियंता आरके वर्मा का कहना है कि इसके निर्माण से जिले की बिजली की समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। जबकि इससे चौबीसों घंटा बिजली मिलेगी। ओवर लोडिंग और लो वोल्टेज की आने वाली समस्या दूर हो जाएगी।