एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

वारदात पर वारदात, खुलासा एक भी नहीं

अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 28 Mar 2016 01:04 AM IST
विज्ञापन
dacoti, jhansi hindi news - फोटो : demo
विज्ञापन

Next Article

झांसी। सावधान! आप बाजार जा रहे हैं, तो संभलकर जाएं। शहर में बदमाश घूम रहे हैं। पुलिस सिर्फ बदमाशों को पकड़ने की योजनाएं बनाने में व्यस्त है। इस वजह से वारदात के बाद पुलिस अधिकारी जल्द खुलासे का दावा करने में पीछे नहीं हैं। यह बात दीगर है कि बदमाशों के फुटेज कब्जे में आने के बावजूद पुलिस सुराग तक नहीं लगा सकी है। जिन वारदातों में पुलिस के हाथ पुख्ता सुबूत लगे भी, वह मामले भी पहेली बने हुए हैं। दो माह के अंदर शहर में करीब एक दर्जन वारदातें हो चुकी हैं, मगर एक का भी पुलिस खुलासा नहीं कर सकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


केस नंबर एक:-
21 जनवरी को बुंदेलखंड यूनीवर्सिटी के पास दिनदहाड़े बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने संध्या पत्नी जगदीश निवासी करगुवांजी से 49 हजार रुपये से भरा पर्स लूटा था। बेटी की शादी के निमंत्रण पत्र छपवाने के लिए उसने स्टेट बैंक से नकदी निकाली थी। एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने लूट की रिपोर्ट दर्ज की मगर आज तक लुटेरों के बारे में कोई सुराग नहीं लग पाया है।

केस नंबर दो :-
पांच फरवरी की दोपहर कसाई मंडी निवासी मोहम्मद आरिफ व सईद 2.15 लाख रुपये आईसीआईसीआई बैंक में जमा कराने पहुंचे थे। बैंक के अंदर मौजूद बदमाश स्वयं को बैंक कर्मी बताकर 1.88 लाख रुपये लेकर भाग गया। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लिए, मगर परिणाम ढाक के तीन पात हैं।
विज्ञापन


केस नंबर तीन:-
12 फरवरी की दोपहर चिरगांव निवासी प्रभा देवी अपने पुत्र सौरभ के साथ स्टेट बैंक की मुख्य शाखा से 12 हजार रुपये पेंशन के निकालकर पैदल चित्रा चौराहा पहुंची। तभी बाइक सवार बदमाश नोटों व जरूरी कागजात से भरा बैग लूटकर भाग गए। पीड़िता ने बताया था कि बदमाशों को बैंक के अंदर देखा था, मगर पुलिस ने बैंक से बदमाशों के फुटेज नहीं लिये हैं।

केस नंबर चार:-
15 फरवरी को केनरा बैंक खाती बाबा शाखा के पीछे की ग्रिल काटकर बदमाश अंदर घुसे व चोरी का प्रयास किया। दो दिन अवकाश के बाद बैंक खुलने पर वारदात की जानकारी हुई। बैंक में एक कमरे के दरवाजे का लॉक टूटा था। चार सीसीटीवी कैमरे सफेद प्लास्टिक की बोरी में रखे थे। टेबलों पर जूतों के निशान थे। छेनी, हथौड़ा, सरिया आदि पड़ा था। इस सनसनीखेज मामले को पुलिस ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है।

केस नंबर पांच :-
16 फरवरी को एसएसपी आवास के सामने जानकी पुरम् कालोनी से बाइक सवार बदमाश राजीव कुुमार पांडेय के चालक से गुत्थमगुत्था करके पांच लाख रुपये लूटकर ले गए थे। वारदात के पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लिए, मगर आज तक पता नहीं चल सका है।

केस नंबर छह :-
23 फरवरी को कोतवाली थानांतर्गत भैरों खिड़की निवासी विनोद साहू उधारी वसूलने बाइक से तालबेहट गए थे। वह 1.20 लाख रुपये वसूलकर लौट रहे थे। बबीना थाने के जरिया घाट के पास बदमाशों ने ओवर टेक करके उन्हें रोका और हवाई फायरिंग करते हुए बैग लूट लिया था।

केस नंबर सात:-
14 मार्च की रात बाइक व कार सवार बदमाश दांडी यात्रा चौराहे के सामने नकदी से भरा सूटकेस लूटकर ले गए थे। जांच के बाद एसपी सिटी ने 40 लाख की लूट बताई। दूसरे दिन 4.50 लाख रुपये लूट होने का मुकदमा दर्ज हुआ। इस मामले में एक व्यक्ति पर आशंका जताई गई, जिसे पड़ताल किए बिना ही पुलिस ने क्लीन चिट थमा दी। यही नहीं अब वारदात को फर्जी साबित करने की तैयारी पुलिस कर रही है।

‘सीसीटीवी कैमरों के फुटेज साफ नहीं होते हैं। बदमाशों के गैंग को पकड़ना होता है, जो मुश्किल काम है। इसलिए स्वॉट टीम को पुराने अपराधियों की तफ्तीश करने के लिए लगाया गया है। प्रयास किए जा रहे हैं कि जल्द वारदातों का खुलासा हो।’
गरिमा सिंह एसपी सिटी
विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें