जल्द ही जिले के सभी अफसर ‘ई-डायरी’ ऐप से जुड़ जाएंगे। इससे जुड़ने के बाद अफसरों के लिए निरीक्षण करना और उसकी सूचना उच्च अधिकारियों को देना आसान हो जाएगा। हालांकि, अधिकारियों को निरीक्षण करते समय ली गई सेल्फी भी भेजनी होगी।
‘अ टेक्नालाजी प्लेटफार्म फॉर ऑनलाइन रिपोर्टिंग एंड इंसपेक्शन’ नाम के ऐप को शार्ट में ‘ई- डायरी’ ऐप के नाम से जाना जाएगा। इसे गूगल प्लेस्टोर से डाउनलोड किया जा सकेगा। सभी अधिकारी अपने मोबाइल फोन में इसे डाउनलोड कर लेंगे। इसके बाद अधिकारी निरीक्षण के दौरान इस ऐप पर मैसेज भेजेंगे। ऐप की खास बात यह है कि अधिकारी को केवल निरीक्षण करके मैसेज डालने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उसे संबंधित क्षेत्र में निरीक्षण करने की सेल्फी भी भेजनी होगी। बिना सेल्फी से मैसेज नहीं भेजा जा सकेगा। मोबाइल में सिग्नल न होने पर मैसेज भेजा जा सकेगा। सिग्नल आते ही मैसेज डिलीवर हो जाएगा। उस मैसेज में समय भी आ जाएगा कि कितने बजे का निरीक्षण है। यानि, अब यह सिग्नल न आने का बहाना भी नहीं चल पाएगा। मोबाइल में ऐप डाउनलोड करने के बाद अधिकारियों को निरीक्षण रजिस्टर या अन्य कागजात ले जाने से मुक्ति मिल जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी नवनीत सिंह चहल ने ऐप को जल्द डाउनलोड करने के निर्देश दिए हैं, ताकि ऐप के आधार पर काम शुरू हो जाए।
जिला कार्यक्रम विभाग में काम शुरू
जिला कार्यक्रम विभाग में आंगनबाड़ियों और मुख्य सेविकाओं की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इसके तहत 15 अप्रैल से मोबाइल के माध्यम से उनकी लोकेशन ली जा रही है। विभाग में 51 मुख्य सेविकाएं हैं। इनमें से 32 सेविकाएं अपनी लोकेशन देने लगी हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी करुणा जायसवाल ने बताया कि सभी को निर्देश दिए गए हैं कि ग्र्रुप में पोजीशन नहीं बताने वाली मुख्य सेविकाओं का वेतन रोक दिया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि 30 अप्रैल तक सभी मुख्य सेविकाओं के मोबाइल रूटीन पर आ जाएंगे और मानीटरिंग करने में सहूलियत हो जाएगी।