बादल छाने से नहीं उड़ पा रही वाष्प, छाई धुंध
झांसी। बादल छाने से पानी वाष्प बनकर आसमान में नहीं जा पा रहा है। बल्कि, ये धरती की सतह के नजदीक बना हुआ है, जो धुंध के रूप में नजर आ रहा है। इससे दृश्यता पर भी असर पड़ा है, यह घटकर 70 फीसदी पहुंच गई है। मौसम विभाग का कहना है कि तेज हवा चलने या बारिश होने के बाद स्थिति सुधर जाएगी।
शहर में बृहस्पतिवार से धुंध की शुरूआत हो गई थी, जो सोमवार को भी बनी रही। मौसम वैज्ञानिक डॉ. मुकेश चंद्र ने बताया कि आसमान में बादल छा जाने के कारण भूमि से उड़ने वाली वाष्प आसमान की तरफ नहीं जा पा रही है। वातावरण में घूमने वाले धूल आदि के कणों पर यह जम जाती है। इसी के चलते चारों तरफ धुंध दिख रही है। उन्होंने कहा कि इस समय किसान पलेवा करते हैं। इससे भी अधिक मात्रा में पानी वाष्प के रूप में उड़ता है। यह भी धुंध का एक बड़ा कारण है। धुंध ने दृष्यता पर भी असर डाला है। मौजूदा समय में महानगर की दृश्यता 70 फीसदी और आर्द्रता 71 प्रतिशत। उन्होंने बताया कि सोमवार को जनपद का अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस रहा। इस सप्ताह न्यूनतम तापमान में एक-दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की वजह से ठंड में और इजाफा हो सकता है।
श्वांस रोगियों को सावधान रहने की जरूरत
धुंध का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डा. डीएस गुप्ता ने बताया कि ऐसे समय में लोगों को सांस लेने में बेहद तकलीफ होती है। खासतौर पर अस्थमा, सीओपीडी और ब्रांकाइटिस के रोगियों को सतर्क रहने की जरूरत है। इसके अलावा गले संबंधी बीमारियां भी होती हैं। आंखों में जलन, लालिमा होना, खुजली, आंसू आना, छींके आना, खांसी बढ़ना आदि समस्याएं शुरू हो जाती हैं।