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नाम नहीं काम को देंगे वोट

अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 07 Jan 2017 12:51 AM IST
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vote, jhansi news - फोटो : demo
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विधानसभा चुनाव में जाति और धर्म के नाम पर बरगलाने वालों को न बोलने का मूड युवाओं ने बना लिया है। वे विकास के मुद्दे पर वोट डालेंगे। अमर उजाला से बातचीत में युवाओं ने बताया कि वह उसी प्रत्याशी को वोट देंगे, जिसकी पार्टी के एजेंडे में सामाजिक सुरक्षा, विकास, शिक्षा, रोजगार और ईमानदारी होगी। राजनीतिक दलों के साथ-साथ प्रत्याशी के चरित्र और योग्यता को भी परखेंगे। कोई अच्छा प्रत्याशी हुआ, तो उसके नाम पर भी मुहर लगा सकते हैं।
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रोजगार हो मुददा
बुंदेलखंड में रोजगार के  अवसरों की कमी है। राजनीतिक दल रोजगार के नाम पर वोट लेते हैं, लेकिन जीतने के बाद रोजगार की व्यवस्था नहीं करते हैं। उद्योग-धंधों के विकास से रोजगार का सृजन होता हैं। राजनीतिक दल इन मुद्दों को ध्यान में रखें।
मनेंद्र सिंह, बीएससी, शारदा हिल्स कालोनी
 
शिक्षा का स्तर सुधरे
शिक्षा की गुणवत्ता में कमी आ रही है। स्कूलों और महाविद्यालयों में शिक्षा का व्यापार हो रहा है। हमारे लिए यह प्रमुख मुद्दा है। मैं इस बार चुनाव में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए कोशिश करने वाले राजनीतिक दल को वोट दूंगी।
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निलोफर खान, बीए, मानिक चौक

ईमानदार प्रत्याशी चुनेंगे
राजनीतिक दल के प्रत्याशी की छवि हमारे लिए मुद्दा है। हम लोग देखेंगे कि किस प्रत्याशी की छवि साफ-सुथरी है। उसकी ईमानदारी भी मुद्दा होगी। किसी बड़े राजनीतिक दल का नहीं होगा तो निर्दलीय का साथ भी दे सकते हैं।
मयंक मिश्रा, बीबीए, सीपरी बाजार

धर्म नहीं विकास की बात
इस बार जात-पात के मुद्दे पर मतदान नहीं होगा। मैं विकास के मुद्दे पर वोट दूंगा। राजनीतिक दल चुनाव में यदि विकास की बात करेंगे तो ही चुनाव के मैदान में सफल होंगे। लड़ाने वाली राजनीति अब कारगर नहीं होगी। यदि ऐसा हुआ तो नोटा का विकल्प भी हमारे पास है।
नैनिका, एलएलबी, मेहंदी बाग

भ्रष्टाचार पर लगाम
भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए नोटबंदी फैसला सही था, लेकिन पूरी तैयारी नहीं होने के कारण परेशानी हुई। मेरा मुद्दा भ्रष्टाचार है, जो राजनीतिक दल भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए संवेदनशील होंगे उन्हीं को वोट देने के बारे में विचार करूंगी।
गरिमा रावत, एमएससी, मेहंदी बाग 

महिला सुरक्षा 
प्रदेश में महिलाओं पर हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं। सरकारें इन पर लगाम नहीं लगा पा रही हैं। चुनाव का मुद्दा महिला सुरक्षा होना चाहिए। राजनीतिक दलों को आधी आबादी का ध्यान भी रखना चाहिए। महिलाएं सुरक्षित होंगी तब ही देश सुरक्षित होगा।   
मेघा झा, बीए मास कम्यूनिकेशन, नगरा
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