मक्का की फसल में दवा छिड़कता किसान।
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मक्का की फसल पर सूंड़ी ने हमला बोल दिया है। किसान फसलों को बचाने के उपाय में जुटे हैं। किसान राजीव कुमार ने बताया कि आलू के घाटे से उबरने के लिए मक्का की बुवाई की है। आशा थी कि फसल अच्छी होगी, लेकिन मौसम में बदलाव के कारण शुरुआती दौर में ही मक्का की फसल में सूंड़ी कीट लग गई। सूंड़ी पौधे के तने को खा रही है, जिससे पौधे खराब हो रहे हैं। इससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।
किसान श्याम सिंह का कहना है कि इस साल मौसम भी साथ नहीं दे रहा है। मक्का के पौधों से कई किल्ले फूट रहे हैं, जिससे आगे चलकर पेड़ कमजोर हो जाएगा और भुट्टा नहीं निकलेगा। वैज्ञानिक इसका कारण मौसम को मान रहे हैं।
किसान रघुवीर सिंह का कहना है कि बाजार में बिक रहे बीजों में मिलावट के कारण किल्ले फूट रहे हैं। मक्का की फसल में कीटों का प्रकोप थम नहीं रहा है। दवा का छिड़काव भी कर रहे हैं, लेकिन सूंड़ी कीट खत्म नहीं हो रहा है। अधिकांश किसानों की समस्या है।
इसका करें छिड़काव
मक्का में लगी सूंड़ी कीट के लिए साइफर मैथ्रिन प्लस क्लोरोपाइरीफास की एक मिलीलीटर मात्रा को एक लीटर पानी में घोल बनाकर मक्का की फसल पर छिड़कें। साथ ही पौधों में निकले किल्लों को तुरंत काट दें। अधिक किल्ले रहेंगे तो भुट्टा नहीं लगेगा। पौध कमजोर हो जाएगा। -डा. वीके कनौजिया (कृषि विज्ञान केंद्र, अनौगी)।