कानपुर। बिजली दरों में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी के विरोध में 22 की बंदी को सफल बनाने के लिए उद्यमियों ने जनसंपर्क कार्यक्रम शुरू किया है। इस सिलसिले में उद्यमियों ने विभिन्न कारखानों में जाकर लोगों से संपर्क किया। उन्हें महंगी बिजली से होने वाले घाटे की जानकारी दी। साथ ही बढ़ी दरों से आए बिजली का बिल न जमा कर आंदोलन में शरीक होने की अपील की।
उद्योगों को मुहैया कराए जाने वाली बिजली की दरों में की गई भारी मूल्यवृद्धि से उद्यमियों में आक्रोश है। इसी के चलते गुरुवार को औद्योगिक बंदी का ऐलान किया गया है। आईआईए, कोपेस्टेट, पीआईए समेत दर्जन भर एसोसिएशन इस बंदी में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। कानपुर में पूर्णतया बंदी होगी, जबकि प्रदेश में अन्य जगहों पर 12 से 2 बजे तक कारखाने बंद रहेंगे। बंदी पूरी तरह सफल हो इसके लिए सोमवार को सभी संगठनों के प्रतिनिधियों की एक बैठक गैंजेस क्लब में बुलाई गई थी। इसी क्रम में मंगलवार को औद्योगिक क्षेत्रों में घूम-घूमकर जनसंपर्क किया गया। उद्यमियों को बढ़ी दरों से उत्पादन लागत में हुई वृद्धि का पूरा गणित समझाया गया। कोपेस्टेट के चेयरमैन विजय कपूर ने बताया कि दादानगर में व्यापार मंडल भी औद्योगिक बंदी के समर्थन में दुकानें बंद रखेगा। आईआईए के प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील वैश्य ने बताया कि यह बंदी आंदोलन का पहला चरण है। इसके बाद भी सरकार नहीं चेती तो आगे की पूरी रूपरेखा तैयार है, जिसका खुलासा समय पर किया जाएगा।