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चंद पलों में मातम में बदलीं खुशियां

टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर Updated Fri, 09 Dec 2016 09:14 PM IST

सार

-ट्रक से कुचलकर युवक की मौत, मां-चाची समेत चार घायल
-सीओ आवास के सामने हुआ हादसा, भीड़ ने दो घंटे जाम रखा लखनऊ-बांगरमऊ मार्ग
-एक बाइक पर चार लोगों को बैठाकर ममेरे भाई की शादी में शामिल होने जा रहा था, हेलमेट नहीं लगाए था बाइक चालक
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विस्तार
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उन्नाव के हसनगंज कोतवाली क्षेत्र में लखनऊ-बांगरमऊ मार्ग पर टेंपो ने बाइक में टक्कर मार दी। इससे सड़क पर गिरे युवक को पीछे से आ रहा ट्रक कुचलते हुए निकल गया। युवक की मौत हो गई, जबकि बाइक में बैठी उसकी मां, चाची व ममेरा भाई घायल हो गया। बिना सूचना शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने पर भीड़ ने जाम लगाकर प्रदर्शन किया। एसडीएम ने परिजनों को शांत करा यातायात सामान्य कराया। इस दौरान लगभग दो घंटे तक जाम लगा रहा। बाइक सवार युवक हादसे के वक्त हेलमेट नहीं लगाए था।
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हसनगंज कोतवाली क्षेत्र के जगदीशपुर गांव निवासी सागर (19) पुत्र स्वामीदीन शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे मां ज्ञानवती, चाची सत्यभामा व ममेरे भाई सुमित (22) को बाइक में बैठाकर इसी कोतवाली क्षेत्र के रफीगढ़ी गांव निवासी मामा रामसेवक के यहां जा रहा था। लखनऊ-बांगरमऊ रोड पर सीओ आवास के पास मोहान की ओर जा रहे तेज रफ्तार टेंपो ने बाइक में पीछे से टक्कर मार दी। इससे सागर बाइक से उछलकर सड़क पर जा गिरा। इसी दौरान बांगरमऊ जा रहा ट्रक उसे कुचलते हुए निकल गया। इससे सागर की घटनास्थल पर मौत हो गई।

टक्कर मारने के बाद टेंपो व ट्रक चालक वाहन समेत भाग निकले। कोतवाल प्रदीप श्रीवास्तव ने शव को सड़क हटवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों के पहुंचने से पहले बेटे का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने से नाराज मां ज्ञानवती बिलखते हुए सड़क पर लेट गई। इसी दौरान अन्य परिजन व रिश्तेदार भी पहुंच गए। पुलिस पर चालक को ट्रक सहित भगा देने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। एसडीएम कृपाशंकर यादव पहुंचे और सड़क पर जाम लगाकर हंगामा कर रहे परिजनों को समझाकर शांत कराया। हसनगंज कोतवाल प्रदीप श्रीवास्तव ने बताया कि अभी परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं आई है। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ट्रक और टेपो चालक व मालिक तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।
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बुझ गया इकलौता चिराग 
मृतक सागर माता-पिता का इकलौता बेटा था। सागर की मौत के साथ ही घर का चिराग बुझ गया। बेटे की मौत से मां ज्ञानवती का रो-रोकर बुरा हाल रहा। पिता स्वामीदीन व अन्य परिजन भी बदहवास हो गए।

मातम में बदलीं खुशियां
सागर के ममेरे भाई सुदीप पुत्र रमाशंकर निवासी रफीगढ़ी की शुक्रवार को शादी थी। सागर अपनी मां ज्ञानवती व परिवार के अन्य सदस्यों को लेकर शादी समारोह में शामिल होेने जा रहा था। सागर की मौत की खबर सुनते ही घर में कोहराम मच गया। शादी की तैयारियां जहां की तहां धरी रह गईं। परिजन सब कुछ छोड़ घटना स्थल पर पहुंच गए। खुशी की जगह चीत्कार सुनाई देने लगी। जो रिश्तेदार सुदीप की शादी में शामिल होने जा रहे थे वह सागर के मौत की खबर सुन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। 


 
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