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अब बिजली बनाएं, बेचें और कमाएं

अमर उजाला ब्यूरो कानपुर। Updated Mon, 11 Apr 2016 01:14 AM IST
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पंखा वितरित करतीं मुख्य अतिथि विद्युत अपीलेंट ट्रिब्यूनल की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना पी देसाई, साथ में राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष देश दीपक वर्मा व केस्को एमडी सेल्वा कुमारी जे। - फोटो : amarujala
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कानपुर। अब बिना बिजली वाले गांव और मजरे भी चमक बिखेरेंगे। वह भी आपके प्लांट में बनी हुई बिजली से। जी हां, ऐसे गांवों में बिजली पहुंचाने के लिए वैकल्पिक ऊर्जा का अपना प्लांट लगाकर बिजली बनाने, बेचने और कमाने की योजना शुरू की गई है। ‘मिनी ग्रिड रीनूअबल एनर्जी जनरेशन एंड सप्लाई रेग्यूलेशन-2016 नाम की इस योजना का उद्घाटन रविवार को उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने स्वरूपनगर स्थित एक होटल में किया। देशभर में इस तरह की पहली योजना की शुरुआत मुख्य अतिथि विद्युत अपीलेंट ट्रिब्यूनल की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना पी देसाई और विशिष्ट अतिथि राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष देश दीपक वर्मा ने कानपुर से की है।
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प्रदेश में अभी करीब दो करोड़ घरों में बिजली नहीं पहुंची है। इस अंधेरे को दूर करने के लिए ही यह प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके तहत कोई भी व्यक्ति प्लांट लगाने के लिए आवेदन कर सकत  है। इसकी प्रक्रिया क्या होगी, इस पर अभी विचार   चल रहा है। योजना के तहत वैकल्पिक ऊर्जा (डीजल, सोलर एनर्जी, बायोगैस एनर्जी आदि) से एक प्लांट में अधिकतम

50 किलोवाट तक बिजली बनाई जा सकेगी।
प्लांट लगाने वाला व्यक्ति अपने खर्चे पर खंभे लगवाकर घरों में बिजली पहुंचाएगा और उसका बिल वसूलेगा। यह प्रक्रिया ठीक उसी तरह काम करेगी, जैसे बीएसएनएल समेत अन्य टेलीकॉम कंपनियां सुविधाएं मुहैया कराती हैं। बिजली के दाम विद्युत नियामक आयोग तय करेगा।
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सरकारी ग्रिड को दे सकेंगे बिजली
गांव में बिजली बेचने के बाद बची बिजली सरकारी ग्रिड को दे सकेंगे। इसके लिए नेट मीटर लगेगा, जो रीडिंग से बिजली का आकलन करेगा। बिजली बनाकर देने वालों को मिनी ग्रिड ऑपरेटर (एमजीओ) कहा जाएगा।
यह जरूरी ः प्लांट लगाने वाले को शाम पांच बजे से रात 11 बजे तक बिजली देनी होगी a सप्लाई के लिए लगाए जाने वाले खंभों के बीच की दूरी 40 मीटर होनी चाहिए।

सीलिंग फैन पाने को उमड़े शहरी
एलईडी तकनीकी पर आधारित कम बिजली खाने वाले 50 वाट के सस्ते पंखे पाने के लिए केस्को के उपभोक्ता रविवार को स्वरूप नगर के रॉयल क्लिफ होटल में उमड़े। पहले दिन रजिस्ट्रेशन कराने वाले एक हजार उपभोक्ताओं को 1300 रुपये कीमत के पंखे दिए गए। मुख्य अतिथि विद्युत अपीलेंट ट्रिब्यूनल की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना पी देसाई और विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष देश दीपक वर्मा रहे।
पंखे पाने को हो-हल्ला
सुबह दस बजे से पंखे पाने के लिए मौजूद उपभोक्ताओं को दोपहर एक बजे पंखे मिलना शुरू हुए। कुछ उपभोक्ताओं ने धूप में बाहर खड़े होने पर हंगामा किया। कार्यक्रम के दौरान उपभेाक्ताओं को समझाने के लिए केस्को एमडी सेल्वा कुमारी जे और अफसर पहुंचे और उनसे शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी को पंखे मिलेंगे, जिसने रजिस्ट्रेशन कराए हैं, उन्हें पंखे दिए जाएंगे। इसके बाद लोग शांत हुए।
ऐसे ले सकते हैं पंखे
केस्को के किसी भी डिवीजन में अपने नियमित बिल जमा करने की रसीद दिखाकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। अगले चरण में पंखे आने पर उन्हें केस्को के डिवीजन ऑफिस से पंखे मिलेंगे। केस्को से मिलने वाला पंखा ऊषा कंपनी का है। 50 वाट का है और 1300 रुपये कीमत है। जबकि बाजार में कम से कम 70 से 90 वाट के सीलिंग फैन मिलते हैं, जिनकी कीमत करीब 2000 रुपये है। इसके 1100 उपभोक्ताओं को एलईडी बल्ब दिये गए। अब तक 14 लाख बल्ब शहर में बिक चुके हैं। केस्को के घरेलू उपभोक्ताओं के अलावा कॉमर्शियल और पॉवर कनेक्शनधारकों (फैक्ट्रियों के कनेक्शनधारक) को भी सीलिंग फैन मिल सकेगा।


 
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