एडीएम की रिपोर्ट पर एसीपी ने की थी जांच
दरअसल, नौबस्ता मछरिया में जमीन पर कब्जे को लेकर लगातार शिकायतें प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंच रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार ने एक आंतरिक रिपोर्ट तैयार की थी, जिसमें पुलिसकर्मियों की मिलीभगत और संदिग्ध भूमिका का जिक्र था। इस गोपनीय रिपोर्ट के आधार पर डीसीपी साउथ ने जांच की जिम्मेदारी एसीपी घाटमपुर को सौंपी थी।
चौकी इंचार्ज समेत दो पर गिरी गाज
जांच के दौरान आवास विकास चौकी इंचार्ज शैलेंद्र राघव और एसआई अंकित खटना के खिलाफ लगे आरोप शुरुआती तौर पर सही पाए गए और उनकी कार्यप्रणाली पूरी तरह संदिग्ध मिली। एसीपी की जांच रिपोर्ट सामने आने के तुरंत बाद डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने दोनों दरोगाओं को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।