जनपद के भंडार गृह में रखी 335 ईवीएम की आवाज घुट चुकी है। ये मशीनेें जर्जर हो चुकी हैं। जांच के दौरान खामियां मिलने पर इंजीनियरों ने इनको चुनाव प्रक्रिया से बाहर कर दिया है। अब आपके मतदान की आवाज छत्तीसगढ़ की ईवीएम से गूंजेगी। आने वाले विधानसभा चुनाव में अब यहां छत्तीसगढ़ से अतिरिक्त ईवीएम मशीनें भेजी जाएंगी। चुनाव के लिए छत्तीसगढ़ से ईवीएम मंगाने के लिए शासन स्तर से कार्रवाई भी शुरू हो गई है।
जिले के भंडार गृह में विस चुनाव के लिए 1800 बीयू व 1665 सीयू मशीनें हैं। वर्ष 2017 में होने वाले विधान सभा चुनाव की तैयारियां तेज हैं। जिले के अधिकारी चुनाव की तैयारियाें के लिए सारे इंतजाम कर रहे हैं। हाल ही में ईवीएम मशीनों की प्रथम लेबिल चेकिंग हुई थी। इसके लिए इंजीनियरों का एक दल आया हुआ था। जांच के दौरान भंडार गृह में रखी गई बीयू व सीयू मशीनों की जांच की गई तो पता चला कि सैकड़ों की तादाद में मशीनें गड़बड़ हैं। जांच के दौरान कुल 140 बीयू व 195 सीयू मशीनें गड़बड़ मिलीं। इनमें से अधिकांश मशीनों से बीप यानी टूं...टूं... की आवाज ही निकल रहीं थी। कुछ की बैट्री अथवा डिस्पले गड़बड़ था।
इन मशीनों को इंजीनियरों के दल ने जर्जर घोषित करते हुए चुनाव प्रक्रिया से बाहर कर दिया है। 335 मशीनों को जर्जर घोषित किया गया है। अब इनकी जगह छत्तीसगढ़ से ईवीएम मशीनें चुनाव संपन्न कराने के लिए मंगाई गई हैं। अब इन्हीं मशीनों से कौशाम्बी जिले के तीनों विधानसभा सीटों पर चुनाव कराया जाएगा। चुनाव से पहले इन मशीनों की कई चक्राें में जांच की जाएगी। इसके बाद ही इनको बूथों पर भेजा जाएगा।
630 ईवीएम की पड़ेगी जरूरत
जिले के भंडार गृह से छंटनी की गई 335 मशीनों के अलावा 630 ईवीएम की जरूरत है। जिले को 20 प्रतिशत अतिरिक्त मशीन चाहिए, जबकि 10 फीसदी प्रशिक्षण के लिए। इसके अलावा पांच फीसदी ईवीएम मशीनें प्रचार के लिए चाहिए। कुल 630 मशीनों की जरूरत हैं। ये मशीनें छत्तीसगढ़ प्रांत से मांगी गई हैं।
140 बीयू व 195 सीयू मशीनों के खराब होने की जानकारी मिली है। इसके अलावा अतिरिक्त मशीनों की जरूरत है। इसके लिए शासन को पत्र भेजा गया है। छत्तीसगढ़ प्रांत से मशीन भेजीं जाएंगी, इसकी जानकारी मिली है।
अखंड प्रताप सिंह, डीएम