खाद्य सुरक्षा कानून लागू होने के बाद क्षेत्र में सक्रिय खाद्यान्न माफिया की चांदी हो गई है। वे विभाग में अपनी सरपरस्ती चलाने के साथ रात-दिन सक्रिय होकर सरकारी अनाज की कालाबाजारी कर अपनी तिजोरी भरने में जुटे रहते हैं। कहते हैं कि सारा खेल विभाग के अफसरों के इशारे पर होने से कालाबाजारी करने वालों की बल्ले-बल्ले रहती है।
खाद्य सुरक्षा कानून लागू होने से विकास खंड सिराथू और कड़ा के भ्रष्ट कोटेदारों की बल्ले-बल्ले हो गई है। शुरूआत में उन्हें आशंका थी कि व्यवस्था चौकस होगी इसलिए वितरण व्यवस्था ठीक-ठाक तरीके से करना होगा। पर, खाद्य आपूर्ति विभाग की खोखली व्यवस्था से गरीबाें के पेट पर डाका डालने वालों की किस्मत ही चटक गई है। जानकारों का कहना है कि विभाग के अफसर भी दोनों हाथ से कालाबाजारी का धन बटोरने में जुटे हैं। कोटेदार नीचे से ऊपर तक बैठे धन के पुजारियों को पैसा फेंक मनमानी कर रहे हैं।
वहीं क्षेत्र के कोटेदार नाम नहीं छापे जाने की शर्त पर कहते हें कि सारी बेईमानी उन लोेगोें से कराई जाती है। हर स्तर पर उनका शोषण किया जाता है। वे अपने जेब से तो पैसा देने वाले नहीं हैं। अधिकारी को पैसा जाएगा तो उसकी भरपाई कार्ड धारकों के हक मारकर ही किया जाएगा। खामोश रहकर सब कुछ सहना ही कोटेदारों की मजबूरी है।
एसडीएम सिराथू विवेक चतुर्वेदी का कहना है कि वे आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रयासरत हैं। पर, सवाल यह है कि जब तक उनके सामने शिकायत न आ जाए। वे स्वयं क्या कर सकते हैं। वे बार-बार दोहराते हैं कि जिस किसी के भी साथ अन्याय हो। वे अपनी आवाज उठाएं।