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इंसाफ की आस में दुनिया से चल बसा ललुवा

Updated Fri, 22 Jun 2018 12:28 AM IST
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आखिरकार इंसाफ की जंग लड़ते हुए कैंसर पीड़ित ललुवा जिंदगी से हार गया। ललुवा को उसके विपक्षियों ने पिछले दिनों अगवा कर जमीन का दूसरे के नाम बैनामा करा दिया था। ललुवा की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने कोतवाली में शव रखकर प्रदर्शन किया तो आनन-फानन में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली।
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सदर कोतवाली के सेहिया गांव निवासी ललुवा को कैंसर था। ललुवा के बेटे ओम प्रकाश ने बताया कि 23 मई को उसके पिता इलाज कराने के लिए मंझनपुर जिला अस्पताल आ रहे थे। महुआ खाड़ा के समीप चार पहिया सवार लोगों ने ललुवा को अगवा कर लिया। गाड़ी में जबरन उसे नींद की दवा खिलाई गई। इसके बाद होश आने पर ललुवा को बताया गया कि उसके परिवार के लोगों को भी अगवा कर लिया गया है। उससे मंगरोहनी गांव के दो लोगों के नाम उसकी जमीन का बैनामा करा लिया गया। ललुवा घर पहुंचा तो परिजनों को घटना की जानकारी हुई।
मामले की शिकायत ललुवा ने छह जून को एसपी प्रदीप कुमार गुप्ता से की।

इस बाबत अमर उजाला ने सात जून के अंक में कैंसर से पीड़ित वृद्ध से जबरन कराया बैनामा शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इस मामले में पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। बुधवार को ललुवा ने दम तोड़ दिया। गुरुवार को ललुवा के घरवालों ने कोतवाली में लाश रखकर प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि पूरे मामले में सदर कोतवाल की भूमिका संदिग्ध है। कोतवाल रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय पीड़ित परिवार पर बार-बार सुलह करने का दबाव बना रहे थे। ग्रामीणों का गुस्सा देख पुलिस ने आननफानन बैनामा कराने वाले छोटेलाल, सरस्वती, बचान, बच्चूलाल निवासी असकरनपुर मंगरोहनी और सेहिया गांव के दिनई उर्फ दिनेश कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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