तीन तलाक का दंश आशिया पर भारी पड़ने लगा है। तीन बेटियों के साथ वह मायके में रह रही है। वहां वह बेटियों को देखकर घुट-घुट कर जीने को मजबूर है। बेटियों के ही पैदा होने पर उसको पति ने तलाक दिया है। इस अमानवीय व्यवहार की आशिया ने जोरदार मुखालफत की है लेकिन पुलिस ने ही उससे मुंह मोड़ रखा है। पूरामुफ्ती पुलिस ने तहरीर मिलने से ही इंकार कर मामले से पल्ला झाड़ लिया तो आशिया ने मुख्यमंत्री योगी समेत आईजी, डीआईजी को शिकायती पत्र भेजा। अब उसे इंतजार है इंसाफ का।
मनौरी की आशिया पुत्री मो. शमीम की शादी 12 साल पहले इस्माइलपुर कोटवा निवासी मो. हासिम के साथ हुई थी। आशिया ने सबसे पहले सानिया, इसके बाद सामिया और साबिया को जन्म दिया। तीन बेटियों के जन्म देने पर शौहर मो. हासिम सहित ससुरालियों ने उसको ताना देना शुरू कर दिया। उसे घर में प्रताड़ित भी किया जाने लगा। पखवारा भर पहले मो. हासिम ने आशिया को तलाक, तलाक, तलाक कहकर घर से निकाल दिया। आशिया बेटियों की दुहाई देकर घर से जाने को तैयार नहीं थी लेकिन उसे जबरन निकाल दिया गया। मायके पहुंची आशिया ने आपबीती बताई तो घर वाले रो पड़े। प्रकरण की तहरीर पूरामुफ्ती पुलिस को दी गई। मगर पुलिस अब तक इस मामले की तहरीर मिलने से इंकार करती रही।
इलाकाई पुलिस के हाथ खींचने से दुखी आशिया ने सीएम योगी आदित्यनाथ समेत आईजी, डीआईजी और एसपी को शिकायती पत्र देकर इंसाफ की मांग की है। आशिया का यही कहना है कि वह तीन बेटियों को लेकर कहां जाए। मां-बाप की आर्थिक हालत ऐसी नहीं कि वह उनके यहां रह सके। अभी तो किसी तरह उसका काम चल रहा है लेकिन आने वाले दिनों में बेटियों की परवरिश वह कैसे करेगी। इसका भय उसको रात-दिन सता रहा है। यही चिंता उसके पिता शमीम और मां नुसरत को भी है। आशिया को तलाक मिलने से मायके के अगल-बगल रहने वाली महिलाएं भी हतप्रभ हैं। वे भी तलाक को अमानवीय बताकर आशिया को दिलासा दे रही हैं लेकिन इंसाफ में हो रही देरी से आशिया की उम्मीदें टूटने लगी हैं।
क्या होगा बेटियों का भविष्य
आशिया की बड़ी बेटी सानिया दस वर्ष की है। वह पढ़ने-लिखने में तेज है। इसके अलावा बातचीत करने में भी वह संकोच नहीं करती है। उसके हावभाव से लगता है कि उसके अंदर कुछ करने का जज्बा है। वह कक्षा-तीन में पढ़ती थी। आशिया सानिया को पढ़ा-लिखाकर काबिल बनाने का प्रयास कर रही थी लेकिन तलाक के दानव ने उसके सपनों को चकनाचूर कर दिया। शौहर के इस फैसले से आशिया टूट चुकी है। वह हर स्तर की लड़ाई लड़ने का दावा करती है। आशिया का कहना है कि वह बेटियों के हक के लिए हर वह चौखट खटखटाएगी, जहां से भी उसे न्याय मिलने की आशा है।
बेटी पर हुए सितम से मां-बाप भी परेशान
आशिया को तलाक देने से उसके मां-बाप भी परेशान हैं। 12 साल बाद अचानक शौहर मो. हासिम ऐसा कदम उठाएगा। उन्होंने सोचा भी नहीं था। आशिया के पिता शमीम भी कहते हैं कि यह सब दकियानूसी सोच है। बेटियां जब हर क्षेत्र अपने नाम के झंडे गाड़ रही हैं। बेटा व बेटी में कोई भेदभाव नहीं है तो हासिम ऐसा कैसे कर सकता है।
‘आशिया का कोई शिकायती पत्र अभी तक नहीं मिला है। उच्चाधिकारियों के यहां हुई शिकायत की जानकारी नहीं है। यदि शिकायती पत्र मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में यह भी देखा जाएगा कि पुलिस किन धाराओं में कार्रवाई कर सकती है।’
आशुतोष मिश्र
अपर पुलिस अधीक्षक
कौशाम्बी