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साथी हाथ बढ़ाना, बेटे की बारात है ले जाना

अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी Updated Sun, 20 Nov 2016 12:28 AM IST
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 पुरानी नोट बंद होने के बाद से जिनके घरों में शादी है, उनका बुरा हाल है। ढाई लाख रुपया कैश न मिलने से रही-सही कसर भी पूरी हो गई। रुपये का इंतजाम न हुआ तो लोगों ने अपने परिचितों व रिश्तेदारों से मदद मांगनी शुरू कर दी है। शनिवार को तिलकोत्सव के कई कार्यक्रम थे। सभी लोगों ने बताया कि साथियों की मदद से उनका कार्यक्रम हो रहा है।
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   शनिवार को बैंकों में रुपया लेने के लिए लोगों की लंबी लाइन लगी रही। इनमें सबसे ज्यादा वह लोग परेशान दिखे, जिनके घरों में शादियां थीं। नेवादा के दरहा के अमित सिंह का शनिवार को तिलकोत्सव था। बैंक से कैश न मिलने पर उनके पिता ने साथियों से मदद मांगी। लोगों ने इस कार्य के लिए अपना हाथ भी बढ़ाया। पूर्वी उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक चरवा में समसपुर गांव की रामसंवारी रुपया लेने पहुंची थी। उनकी बेटी का 21 नवंबर को तिलक था, जबकि 30 को बारात आनी है।

बैंक से उन्हें कैश नहीं मिला। तीन घंटे बाद उन्हें बताया गया कि रुपया नहीं मिलेगा। पूछने पर बताया कि अब रिश्तेदारों के आगे हाथ फैलाने के अलावा उनके पास कोई रास्ता नहीं बचा है। यही हाल कलापत का पुरवा निवासी बृजभान सिंह, चरवा की सुमित्रा देवी, गीता देवी और चरवा सझिया के रोशनलाल की है। इनके भी बेटे-बेटियों की शादी है। इनके साथ वर पक्ष का भी यही हाल है। कन्या और वर पक्ष दोनों रुपये के लिए दूसरों से मदद की गुहार लगाने को मजबूर है।
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