जिला अस्पताल परिसर के बाहर मटके से पानी पीता राहगीर। संवाद
बृहस्पतिवार को आसमान में बादलों की आवाजाही से लोगों को कड़क धूप और लू से कुछ राहत मिली। तेज हवाओं के बाद भी उमस भरी गर्मी ने लोगों की बेचैनी बढ़ा दी। दोपहर बाद बढ़ी चिपचिपी गर्मी और दिनभर बार-बार गुल हो रही बिजली और लोवोल्टेज से लोग परेशान रहे।
पिछले कई दिनों से 44 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंचने से लोग भीषण गर्मी का सामना कर रहे थे। वहीं बृहस्पतिवार को मौसम का मिजाज कुछ बदला नजर आया। सुबह से ही आसमान में बादल आते-जाते रहे। तेज धूप का असर कम दिखाई दिया। हालांकि राहत के बीच उमस भरी गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। दोपहर होते-होते वातावरण में नमी बढ़ने से लोग पसीने से तरबतर नजर आए।
बाजारों, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर लोग गर्मी से बचने के लिए पेय पदार्थों और ठंडी जगहों का सहारा लेते दिखे। दूसरी ओर दिनभर बिजली की आवाजाहीऔर कटौती ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से घरों और दुकानों में लोग उमस से बेहाल रहे।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि अगले तीन दिनों तक मौसम का यही मिजाज बना रहने की संभावना है।
आसमान में बादलों की आवाजाही के साथ कहीं-कहीं गरज-चमक संग बूंदाबांदी और आंधी के भी आसार हैं।
जिला अस्पताल परिसर के बाहर मटके से पानी पीता राहगीर। संवाद