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विवेक की प्रतिभा से गौरवान्वित कौशाम्बी

अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी Updated Fri, 02 Jun 2017 01:23 AM IST
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कौशाम्बी
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सदर तहसील के हिनौता गांव के विवेक रंजन मैत्रेय यूपीएससी की परीक्षा में 164वी रैंक हासिल की है। वर्ष 2015 में उनका चयन आईआरएस के लिए हुआ था। मगर साल के भीतर ही छलांग लगाकर वह आईएएस बन गए। उनकी इस कामयाबी से न सिर्फ परिजन और गांव गदगद है बल्कि समूचा कौशाम्बी गौरवान्वित है। विवेक के परिजनों को बधाई देने वालों का तांता लगा है। वह इस समय नागपुर में आईआरएस की ट्रेनिंग ले रहे हैं।  
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हिनौता निवासी विवेक रंजन मैत्रेय के पिता वीपी नागेश सचिवालय लखनऊ में सेक्शन आफिसर हैं। मां रेखा नागेश शिक्षिका हैं। विवेक रंजन मैत्रेय के बाबा शिवपाल रिटायर्ड शिक्षक हैं। वर्ष 2015 में विवेक का चयन आईआरएस में हुआ था। मगर उनका सपना आईएएस बनना था। इसलिए उन्होंने सिविल सेवा की परीक्षा फिर दी। बुधवार को परिणाम आया तो विवेक के परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

विवेक ने 164वीं रैंक हासिल की है। एक साल के भीतर यह दोहरी कामयाबी है। जानकारी उनके बाबा शिवपाल को हुई तो गुरुवार को वह अपनी पत्नी के साथ लखनऊ के लिए रवाना हो गए। इसके पहले उन्होंने ग्रामीणों को मिठाई खिलाई और जश्न भी मनाया। विवेक के छोटे भाई विनीत हाईस्कूल में हैं और आईसीसी बोर्ड में 94 फीसदी अंक इसी वर्ष हासिल किए हैं। बहन विभा रंजन मुंबई से आईआईटी कर रही है। विवेक के बहनोई उमाशंकर शास्त्री ने बताया कि वह बहुत मेहनती व लगनशील है। आईएएस बनकर उसने जिले के मेधावियों को आकर्षित किया है। 
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