डीएम महेंद्र सिंह तंवर के पहल से जल्द शुरू होगा कुशीनगर एयर कार्गो
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पूर्वांचल के आर्थिक और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर अत्याधुनिक एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स निर्माण की प्रक्रिया को शासन स्तर से मंजूरी मिल गई है। सचिव स्तरीय बैठक में प्रस्ताव के तकनीकी और आर्थिक पहलुओं पर सहमति के बाद अब जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
इस परियोजना के शुरू होने के बाद पूर्वांचल के गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडल के साथ-साथ बिहार के सीमावर्ती जिलों के कृषि, हस्तशिल्प और ओडीओपी को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। इससे स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलने के साथ रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
एयरपोर्ट के पुराने टर्मिनल भवन के पास कार्गो कॉम्प्लेक्स निर्माण के लिए आवश्यक भूमि चिह्नित कर हस्तांतरित कर दी गई है। सचिव स्तरीय वार्ता में निर्माण से जुड़ी सभी औपचारिकताएं लगभग पूरी कर ली गई हैं और जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
पांच जून को होने वाली बैठक में तस्वीर साफ हो जाएगी कि एयर कार्गो का काम कौन सी कंपनी लेगी। इसके लिए जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया को प्रशासन की ओर से पूरा कर लिया गया है। इसके शुरू होने से बड़े पैमाने पर रोजगार से लोग जुड़ेगे।जिला प्रशासन की ओर से करीब छह माह से इसका प्रयास किया जा रहा था।
अब नहीं जाना पड़ेगा लखनऊ-वाराणसी
अब तक स्थानीय व्यापारियों और निर्यातकों को अपने उत्पादों को विदेश भेजने के लिए लखनऊ, वाराणसी या दिल्ली के एयर कार्गो नेटवर्क पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे परिवहन लागत और समय दोनों बढ़ जाते थे। लेकिन कुशीनगर एयरपोर्ट पर कार्गो सुविधा शुरू होने के बाद स्थानीय स्तर पर ही कस्टम क्लीयरेंस, कोल्ड स्टोरेज और माल ढुलाई की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इससे जल्दी खराब होने वाले कृषि उत्पाद जैसे ताजी सब्जियां, फल, हरी मिर्च, आम, केला और काला नमक चावल कम समय में महानगरों और विदेशों तक पहुंच सकेंगे। इससे किसानों और उत्पादकों को उनके सामान का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है।
पूर्वांचल के उत्पादों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय मंच
-एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स शुरू होने के बाद पूर्वांचल और बिहार के कई पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक बाजार मिलेगा। गोरखपुर का प्रसिद्ध टेराकोटा शिल्प, रेडीमेड गारमेंट्स, कृषि उत्पाद, सिद्धार्थनगर का मशहूर काला नमक चावल, लकड़ी के हस्तशिल्प, आजमगढ़ की रेशमी साड़ियां और ब्लैक पॉटरी उत्पाद सीधे बड़े बाजारों तक पहुंच सकेंगे।
इसके अलावा बिहार के पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज और सिवान जैसे सीमावर्ती जिलों के आम, लीची, हरी मिर्च और अन्य कृषि उत्पादों को भी बड़ा बाजार मिलेगा। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों के साथ खाड़ी देशों, यूरोप और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों तक इन उत्पादों की पहुंच आसान हो जाएगी।
ओडीओपी को लगेंगे वैश्विक पंख
प्रदेश सरकार की एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना को भी इस परियोजना से बड़ा लाभ मिलने जा रहा है। कुशीनगर का केला और उससे बने उत्पाद, गोरखपुर का टेराकोटा, आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी और अन्य स्थानीय उत्पाद अब सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंच सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि एयर कार्गो सुविधा शुरू होने से पूर्वांचल में लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नई पहचान मिलेगी और क्षेत्र निवेश के लिहाज से भी आकर्षण का केंद्र बनेगा। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार मिलने के साथ हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स लिए एयरपोर्ट के पुराने टर्मिनल बिल्डिंग को दिया गया है। लगभग प्रक्रिया पूरी हो गई हैं। इससे पूर्वांचल में होने वाले व्यवसाय को गति मिलेगी और लोकल के उत्पादों की अच्छी कीमत भी। रोजगार भी मिलेगा: महेंद्र सिंह तंवर, डीएम कुशीनगर
-जिला प्रशासन की ओर से पहल की गई है। एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स के लिए पुराना टर्मिनल बिल्डिंग चयनित किया गया है। इससे रोजगार की संभावनाएं बढ़ेगी और लोकल सामान की अच्छी कीमत मिल सकेगी। बहुत जल्द इसकी शुरुआत होगी: प्राणेश कुमार राय, प्रभारी एयरपोर्ट डायरेक्टर
2018 में पांच सदस्यीय टीम ने किया था दौरा
मार्च 2018 में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से कार्गो (मालवाहक) विमानों के संचालन की कवायद शुरू हुई थी। उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट फोरम की पांच सदस्यीय टीम एयरपोर्ट आई थी। टीम ने एयरपोर्ट की स्थिति, सड़क मार्ग से जुड़ाव समेत कई बिंदुओं के आंकलन के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की थी।
टीम ने संभावना जताई थी कि गोरखपुर, बस्ती, आजमगढ़ मंडल के अलावा पड़ोसी राज्य बिहार के कई जिलों के कृषि उत्पादों को बड़े शहरों का बाजार मिल जाएगा। बड़े शहरों से सामान भी यहां जल्दी व कम खर्च में पहुंच सकेंगे और पूर्वांचल को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
तत्कालीन डीएम आंद्रा वामसी ने भी देवरिया, गोरखपुर व महराजगंज के अलावा बस्ती, संतकबीरनगर, आजमगढ़, मऊ, बलिया को मालवाहक संचालन से लाभ होने की बात कही थी। टीम ने सदस्यों ने कहा था कि मालवाहक विमानों से दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों तथा दूर-दराज तक के बाजारों में शीघ्रता से पहुंचाई जा सकेगी। नए मालवाहक व लक्जरी वाहनों को भी कार्गो के माध्यम से एयरपोर्ट पर उतारा जा सकता है।
बदलेगी पूर्वांचल की तकदीर
कुशीनगर एयरपोर्ट पर एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स के निर्माण से पूर्वांचल के किसानों, निर्यातकों और व्यापारियों को लाभ मिलेगा। यह किसानों के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा। पूर्वांचल में केला,टमाटर,हरा मिर्च की बेहतर पैदावार होती है। कार्गो कॉम्प्लेक्स से किसानों के उत्पाद देश व विदेश के कोने-कोने तक 24 से 48 घंटे पहुंच जाएंगे। इससे किसानों को अपनी फसल का सीधा और दोगुना लाभ मिलेगा: बिचौलियों का खेल खत्म हो जाएगा। -अमेरिकन खरवार,किसान
व्यावसायिक गतिविधियों में आएगी तेजी
अभी हम अपना माल कपड़े देश के बड़े शहरों से ट्रांसपोर्ट के जरिए ही मंगा रहे हैं। मालवाहक विमान सेवा के बारे में बहुत अधिक जानकारी नहीं है। लेकिन सेवा शुरू होने से उम्मीद है कि व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी और कम लागत में शहर के पास ही पहुंचकर सामान मिल जाएगा। इससे बड़े शहरों का चक्कर नहीं लगाने से भी निजात मिल जाएगी: -अखिलेश अग्रहरि, कपड़ा कारोबारी