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फसल क्षति का सर्वे पूरा

अमर उजाला ब्यूूराो ललितपुर Updated Mon, 21 Mar 2016 01:20 AM IST
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‌क‌िसान - फोटो : demo pic
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ललितपुर। हाल में हुई ओलावृष्टि व बेमौसम बरसात से फसल क्षति का सर्वे कर लिया गया है। सर्वे रिपोर्ट में पांच से 25 फीसदी के नुकसान का आकलन किया गया है। रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
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मार्च माह की शुरूआत में मौसम ने अचानक करवट बदली और तेज बरसात तथा ओलावृष्टि हुई थी। लगातार दो दिन तक रुक-रुक कर हुई बरसात और ओलावृष्टि के कारण किसानों की कटी फसल मटर, मसूर और जवा को नुकसान हुआ था। जिला प्रशासन ने इसका सर्वे कराया और रिपोर्ट शासन को भेज दी है। सचिव और राहत आयुक्त को भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार सदर तहसील ललितपुर के ब्लाक बिरधा और जखौरा में चना, मटर और मसूर को 25 प्रतिशत, गेहूं और जौ को 10 से 20 प्रतिशत का नुकसान हुआ है। तहसील महरौनी के ब्लाक महरौनी और मड़ावरा के ग्राम बारचौन को मिलाकर गांवों में गेहूं, चना, मटर, मसूर, लाही व सरसों में 10 से 15 प्रतिशत की क्षति हुई है। तहसील तालबेहट के ब्लाक जखौरा, तालबेहट व बार के गांवों में पांच से 25 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। मड़ावरा तहसील के ब्लाक मड़ावरा और महरौनी में पांच से पंद्रह प्रतिशत तक फसलों का नुकसान हुआ है। पाली तहसील के ब्लाक मड़ावरा व महरौनी में पांच से 25 प्रतिशत तक फसलों का नुकसान हुआ है।

इस तरह से जिले की सभी पांचों तहसीलों के 231 गांवों में पांच से 25 प्रतिशत तक फसल क्षति हुई है। ऐसे में किसी भी फसल को 33 फीसदी से कम नुकसान होने पर मुआवजा दिए जाने का प्रावधान नहीं है। रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। गौरतलब है कि जिले में पिछले वर्ष 2014-15 में रबी फसल के सीजन में ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से 735 गांवों में 355 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ था। इसमें जिले के 2,47,303 लघु एवं सीमांत किसान तथा 42,490 वृहद किसानों को फसल का नुकसान हुआ था। इसके सापेक्ष शासन ने 172 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं, जो किसानों को आवंटित कर दिए गए हैं। बाकी मुआवजा के लिए शासन के पैसे का इंतजार किया जा रहा है। इसके अलावा सूखा के कारण खरीफ फसल बरबाद हो गइ थी, जिसकी क्षति का सर्वे कराया गया था। इसमें 180 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। लेकिन, किसानों को अब तक पैसा नहीं मिल सका है। फसल बीमा का 27 करोड़ रुपये आया है, लेकिन वह बैंक बांट नहीं रहे हैं।
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