शहर के बदहाल चारों मुक्तिधामों का दशा जल्द ही बदल जाएगी। नगर पालिका ने इन मुक्तिधामों की रंगाई पुताई शुरू करा दी है। साफ सफाई भी की जा रही है।
शहर में चार मुक्तिधाम हैं। नगर पालिका की पिछली बोर्ड ने करीब सात वर्ष पूर्व करोड़ों रुपये की लागत से इन मुक्तिधामों का जीर्णोद्धार कराया था। चारदीवारी, अंतिम संस्कार के लिए पक्के स्थल, लाइटें लगवाई थीं। बैठने के लिए कुर्सी और पेयजल की भी व्यवस्था कराई थी।
वर्तमान बोर्ड ने भी शुरुआती दौर में जीर्णोद्धार पर लाखों रुपये खर्च किए थे, लेकिन बीते कुछ वर्षों से नगर पालिका ने मुक्तिधामों से दूरी बना ली। इसका नतीजा यह हुआ कि मुक्तिधामों की सुंदरता व मूलभूत सुविधाओं ने दम तोड़ दिया।
बीते रोज से नगर पालिका ने उजड़ चुके इन मुक्तिधामों को संवारने का काम शुरू कर दिया है। मुहल्ला खिरकापुरा में स्थित सुरईघाट मुक्तिधाम में साफ-सफाई, झाड़ियों का कटान और चारदीवारी समेत अन्य स्थलों की रंगाई-पुताई की जा रही है। इसी क्रम में शहर के इलाइट मुक्तिधाम, नेहरू नगर व गांधीनगर मुक्तिधाम में साफ-सफाई व रंगाई पुताई का कार्य किया जाएगा। खराब पड़ी लाइटों व पेयजल आपूर्ति को भी सुचारु कराया जाएगा।
नहीं मिल सकी 4.26 करोड़ के प्रस्ताव को स्वीकृति
शहरी क्षेत्रों में बने मुक्तिधामों को संवारने के लिए नगर पालिका ने अगस्त माह में 4.26 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था। इलाइट मुक्तिधाम के लिए 1.62 करोड़, नेहरू नगर के लिए 76.35 लाख रुपये, सुरईघाट मुक्तिधाम के लिए 1.53 करोड़ रुपये और गांधीनगर में बने मुक्तिधाम के जीर्णोद्धार केेे लिए 34.93 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा था। यह प्रस्ताव देर से भेजे गए। इस कारण शहर को बजट नहीं मिला। वहीं स्थानीय नगर पंचायत महरौनी व तालबेहट को इस योजना की धनराशि कई महीनों पहले मिल चुकी है।
नगर पालिका बीते डेढ़-दो वर्षों से बजट की कमी से जूझ रही है। ऐसे में मुक्तिधामों का जीर्णोद्धार करा पाना संभव नहीं है। बजट के अभाव में नगर पालिका अपने कर्मचारियों द्वारा मुक्तिधामों की साफ-सफाई कर रही है। कटीली झाड़ियों को काटा जा रहा है। चारदीवारी, अंतिम संस्कार स्थल, पेड़-पौधों व अन्य सामग्रियों को रंगवाकर सुंदर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- सुभाष जायसवाल
अध्यक्ष, नगर पालिका ललितपुर।