ललितपुर। बृहस्पतिवार से शुरू हुई 24 घंटे की लगातार बारिश भले ही थम गई हो, लेकिन अपने पीछे लोगों के लिए काफी परेशानियां छोड़ गई है।
तालबेहट तहसील के ग्राम सेमराडांग के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में बताया कि शुक्रवार को आई बारिश व आंधी के कारण गांव में कई पेड़ गिर गए। एवं खेत में खड़ी फसल बिछ गई। उन्होंने सर्वे करने पहुंचे लेखपाल पर मनमर्जी करने का भी आरोप लगाया है।
जनपद के मध्य प्रदेश के इलाकों में हुई भारी बारिश के कारण बेतवा नदी में काफी मात्रा में पानी आ रहा है। जिस कारण से बेतवा नदी पर बने राजघाट बांध से काफी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। बेतवा नदी के किनारे बसे जखौरा ब्लॉक के कई गांवों में पानी भर गया। करीब आधा दर्जन गांवों में राजघाट घाट से छोड़ा गया पानी खेतों में भरने के कारण सैकड़ों हेक्टेयर में लगी उर्द की फसल बर्बाद हो गई।
ग्रामीणों को इस बार खरीफ की फसल से बड़ी उम्मीद थी, लेकिन खेतों में पानी भरने के कारण पूरी फसल बर्बाद हो गई। गांव की हालत जानने पहुंची सपा नेता ज्योति सिंह लोधी ने ग्रामीणों को ढांढस बंधाया और प्रशासन से मुआवजा दिलाने की बात कही। राजघाट बांध का पानी देवरी, करमुहारा, चमररुआ, गुरसौरा, किसलवांस, बस्वां, कराई, ननौरा व मैनवारा गांव के खेतों में भर गया है।
बांध का पानी खेतों में पांच से छह फुट तक भरने के कारण खेतों ने तालाब का रूप धारण कर लिया। अपनी फसल को बर्बाद होता देख किसान सदमे में है। किसानों ने प्रशासन से पेड़ गिरने से घायल वासौदा बारी व उसकी पुत्री एवं पानी के कारण बर्बाद हुई फसल का जल्द सहायता मुहैया कराने की मांग की है।