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हजारों मकानों में जल रही चोरी की बिजली

अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 06 Oct 2016 12:37 AM IST
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power theft news lalitpur - फोटो : demo
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ललितपुर। 
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शहर में साढ़े पांच हजार से अधिक मकानों में चोरी की बिजली जलाई जा रही है। तेजी से बढ़ी आबादी से शहर में मकानों की संख्या में हर वर्ष सैकड़ों मकानों की संख्या में वृद्धि हो रही है। वर्तमान में शहर में मकानों की संख्या करीब 30 हजार से अधिक बताई जा रही है। जबकि बिजली विभाग के आंकड़ों के अनुसार घरेलू व कॉमर्शियल उपभोक्ताओं की कुल संख्या 24 हजार 331 बताई जा रही है, जो मकानों की संख्या के हिसाब से काफी कम है। 
शहर में दिनोंदिन बढ़ रही आबादी के साथ ही जरूरत के हिसाब से मकानों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। हर माह दर्जनों नए मकानों का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही शहरी क्षेत्र में दुकानों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है। नगर पालिका द्वारा स्वकर प्रणाली लागू होने के बाद से मकानों का सर्वे कराया जा रहा है। इसमें खाली प्लॉट समेत नगर में व्यवसायिक मकानों को शामिल करने पर यह आंकड़ा करीब 36 हजार से अधिक पहुंच गया है।
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यदि मकानों व व्यवसायिक मकानों की बात करें तो लगभग 30 हजार से अधिक मकान व दुकानें शहर मेें वर्तमान में हैं। हालांकि नगर पालिका द्वारा पूर्व में वर्ष 2009-10 में मेनुअली सर्वे कराया था, जिसके अनुसार शहर में मकानों व दुकानों का यह आंकड़ा 23 हजार 644 था। तब से अब तक शहर में मकानों व दुकानों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। 
वर्तमान में 30 हजार से अधिक मकान व दुकानों की संख्या का आंकलन किया जा रहा है।
इस लिहाज से शहर में मकानों की संख्या के हिसाब से बिजली कनेक्शनों की संख्या काफी कम आंकी जा रही है। शहर में बने मकानों व दुकानों की संख्या के हिसाब से बिजली विभाग द्वारा अब तक मात्र 24 हजार 331 घरेलू व कॉमर्शियल विद्युत कनेक्शन ही जारी किए गए हैं। जबकि गत वर्ष विभाग द्वारा विद्युत अभियान में दो से ढाई हजार नये कनेक्शन जारी किए थे। इसके बाद भी विभाग मकानों की संख्या के हिसाब से शहर मेें इस आंकड़े तक नहीं पहुंच सका है।
जबकि आज के समय शहर में बने अधिकांश सभी मकानों में बिजली का उपभोग किया जा रहा है। ऐसे में यदि मकानों व दुकानों और विद्युत विभाग द्वारा जारी आंकड़ों का आंकलन किया जाए तो शहर में साढ़े पांच हजार से अधिक मकानों में बिजली की चोरी जलाई जा रही है। विद्युत विभाग द्वारा समय-समय पर विद्युत अभियान भी चलाए गए, लेकिन बिजली चोरी पर पूर्ण रुप से रोक नहीं लग सकी है। हालांकि यह बात बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी स्वीकार करते हैं, लेकिन इसका स्थाई समाधान नहीं निकल सका है। 

बिजली चोरी रोकने के लिए समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं। बिजली जलते पाए जाने पर मकानों में उपभोक्ताओं को नये कनेक्शन भी दिए गए हैं। बिजली चोरी करते पाए जाने पर विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। मकानों के सापेक्ष बिजली कनेक्शन देने के लिए विभाग द्वारा प्रक्रिया जारी है। 
-अखिलेश कुमार वर्मा, उपखंड अधिकारी प्रथम, विद्युत विद्युत खंड ललितपुर।
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