मैनपुरी। तहसील सदर में चल रही एकल खिड़की में अव्यवस्थाएं हावी हैं। निर्धारित समय 20 दिन होने के बाद भी कई लोगों को दो माह से अधिक समय बीतने के बाद भी प्रमाणपत्र नहीं दिए गए। इससे भीड़ आक्रोशित हो गई। आक्रोशित लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। जानकारी पर पहुंचे एसडीएम सदर ने अपने सामने ही प्रमाणपत्र वितरित कराने शुरू कर दिए। निर्देश दिए कि किसी को अकारण परेशान न किया जाए।
प्रतिदिन की तरह मंगलवार को भी प्रात: 10 बजे से ही तहसील सदर की एकल खिड़की पर प्रमाणपत्र पाने वालों की भीड़ लग गई। यहां मौजूद प्राइवेट कर्मियों ने लोगों को टहलाना शुरू कर दिया। सायं पांच बजे तक प्रमाणपत्र न मिलने पर लोगों का आक्रोश भड़क गया। आक्रोशित लोगों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहीं सुनीता देवी ने बताया कि उन्होंने अपने पुत्र आर्यन और शौर्य प्रताप का जाति प्रमाणपत्र बनवाने के लिए 10 जून को आवेदन किया है। अभी तक प्रमाणपत्र नहीं मिला। कई बार चक्कर लगाए हर बार प्राइवेट कर्मी दो दिन बाद आने की बात करते हैं।
मोहल्ला अग्रवाल निवासी डालचंद्र ने बताया कि 25 जुलाई को उन्होंने आय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए एकल खिड़की पर पर्ची कटाई थी। आने पर बताया गया कि प्रमाणपत्र खो गया है। पुन: छह अगस्त को आवेदन किया है। हरचंद्रपुर निवासी महिपाल सिंह ने कहा कि एक माह से अधिक समय उसे आय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए रसीद कटाए हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एकल खिड़की में बैठे प्राइवेट कर्मियों को यदि रुपये दे दिए जाएं तो प्रमाणपत्र मिल जाता है। तहसीलदार से भी शिकायत की पर कोई सुनवाई नहीं हुई। जानकारी पर एसडीएम रामकेर यादव तहसील पहुंचे। यहां एसडीएम ने अपने सामने ही प्रमाणपत्रों का वितरण शुरू कराया। प्राइवेट कर्मियों को चेतावनी दी कि यदि पुन: शिकायतें मिली तो प्रभावी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।