मैनपुरी। वायरल के बाद अब मलेरिया भी फैलने लगा है। जिला अस्पताल में चार रोगियों में खतरनाक श्रेणी के मलेरिया प्लाजमोडियम फैल्सीफेरम के धनात्मक लक्षण मिले हैं। एक तरफ लगातार मलेरिया का प्रकोप बढ़ रहा है, दूसरी ओर उसकी रोकथाम के कारगर प्रयास नहीं हो रहे हैं। जिले के 30 नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भोगांव, औंछा पर तो मलेरिया आदि जांच की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है।
प्लाज्मोडियम वाइवेक्स और प्लाजमोडियम फैल्सीफेरम दोनों से पीड़ित रोगी ही जिले में हैं। इस वर्ष अब तक अकेले जिला अस्पताल के पैथोलॉजी में 277 रोगियों में मलेरिया के पॉजिटिव लक्षण मिले हैं। पांच अन्य रोगी मलेरिया पीएफ से पीड़ित हैं। सितंबर माह में चार रोगी पीएफ के निकलने के बाद भी विभाग ने कोई सार्थक कदम नहीं उठाए हैं। गौरतलब है कि जिले में पूर्व के वर्षों में मलेरिया से दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद रोकथाम के कोई प्रयास नहीं किए जाते हैं। अधिकांश ग्रामों में कीटनाशक दवा का छिड़काव नहीं कराया गया है।
मलेरिया को नहीं बनने देंगे जानलेवा
सीएमओ डा. वीके गुप्ता ने बताया कि मलेरिया को जानलेवा नहीं बनने दिया जाएगा। कुछ ग्राम सभाओं में डीडीटी का छिड़काव कराया गया है। संबंधित एमएस और एमओआईसी को रोग फैलने पर तत्काल पहुंचकर उपचार दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राइवेट पैथोलॉजी में कराते हैं जांच
जिला अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सक रोगियों को क्लोरोक्वीन की दवा दे देते हैं, जिससे स्लाइड टेस्ट में मलेरिया धनात्मक नहीं आता, जबकि कार्ड टेस्ट में मलेरिया धनात्मक आ जाता है। सूत्रों की मानें तो इस बार फैल्सीफेरम में रिंग स्टेन डबल रिंग, डबल क्रोमोटोम पाया जा रहा है। यह वायरस दिमागी बुखार को बढ़ाता है, जबकि जिला अस्पताल में केवल स्लाइड टेस्ट की सुविधा है। इससे रोगी प्राइवेट में जांच कराते हैं।
मलेरिया पीएफ के लक्षण
1. तेज ज्वर, व्यवहार में परिवर्तन, (ऐंठन के दौरे)
2. चेतना शून्यता, चलने, बैठने या बोलने, लोगों की पहचान करने में असमर्थता
3. बार-बार उल्टी करना, दवा खाने, खाना खाने या पानी पीने में असमर्थता
4. मूत्र का कम आना या नहीं आना या फिर काला मूत्र आना
5. वजन में अचानक कमी, ढीली त्वचा, आंखों का धसना, रक्त अल्पता
6. नाक, मसूड़ों तथा अन्य स्थानों से अकारण अत्यधिक रक्त श्राव होना
मच्छर जनित रोगों ने पसारे पैर
बेवर। मौसम के तेवर बदलने के साथ ही लोग वायरल फीवर, टाइफाइड, मलेरिया, खांसी, जुकाम आदि रोगों का प्रकोप फैल रहा है। नगर पंचायत कार्यालय में दो फागिंग मशीन हैं तथा केमिकल रखा है, लेकिन फागिंग नहीं कराई जा रही है। इटावा रोड, बाईपास स्थित नई बस्ती, काजी टोला, धनकरी, ब्रह्मनान पूर्वी, मुहल्ला कोट, मोटा रोड आदि स्थानों पर जलभराव है। लोगों ने नगर पंचायत अध्यक्ष सरितकांत भाटिया को ज्ञापन देकर फागिंग कराए जाने की मांग की है।