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डीएम के आदेश के बाद भी नहीं मिला मुआवजा

Mainpuri Updated Sun, 19 May 2013 05:30 AM IST
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कुसमरा। तहसील भोगांव क्षेत्र के ग्राम बखतपुर में विद्युत उपकेंद्र के लिए जमीन लेने के बाद विभाग ने मुआवजा नहीं दिया। पीड़ित ने डीएम से मुआवजा की मांग की। तत्कालीन डीएम ने आदेश कर तीन माह के अंदर मुआवजा दिलाने के आदेश दिए। डीएम के आदेशों को भी अनदेखा कर दिया गया। अब तक पीड़ित को मुआवजा नहीं दिया गया। पीड़ित अब इधर-उधर चक्कर लगा रहा है।
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तहसील भोगांव क्षेत्र के ग्राम बखतपुर में वर्ष 2007-08 में विद्युत उपकेंद्र के निर्माण के लिए भूमि ली गई थी। विद्युत उपकेंद्र के लिए ग्रामवासी रामनरायन ने वर्ष 1994 में पट्टे में मिली भूमि की गाटा संख्या 2799 में से 1500 वर्ग मीटर जमीन दी थी। इस भूमि पर उपकेंद्र का निर्माण करा लिया गया। निर्माण के बाद रामनरायन को कोई मुआवजा नहीं दिया गया।
रामनरायन के अनुसार तत्कालीन अधिशासी अभियंता ने उसे उपकेंद्र बनने पर नौकरी देने का आश्वासन भी दिया था। लेकिन उपकेंद्र बनने पर उसे न तो नौकरी दी गई और न ही जमीन का मुआवजा। पीड़ित अब जमीन के मुआवजा के लिए इधर-उधर चक्कर लगा रहा है। तत्कालीन डीएम रणवीर प्रसाद ने 11 अप्रैल 2012 को आदेश दिया था कि भूमि पर उपकेंद्र निर्माण से पूर्व खेती की जाती थी। उन्होंने विद्युत विभाग को आदेश दिया था कि भूमि के मालिक को मुआवजे के रूप में तीन माह के अंदर भुगतान सुनिश्चित करें। लेकिन डीएम के आदेश को भी अनदेखा कर दिया गया।
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रामनरायन के अनुसार उसे नौकरी देने का वायदा किया गया था। उपकेंद्र बनने के बाद उसके स्थान पर गांव के ही अन्य व्यक्ति को संविदा के आधार पर रख लिया गया। उसने जब विभागीय अधिकारियों से बात की तो बताया गया कि संविदा पर ठेकेदार द्वारा नौकरी पर रखा जाता है। तुम्हारा व्यवहार ठीक न होने के कारण दूसरे को नौकरी पर रखा गया है।
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