एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

‘राम शब्द सुख, शांति के धाम का प्रतीक’

Mainpuri Updated Sat, 15 Jun 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

बेवर। मानपुर हरी स्थित बजरंग बली आश्रम पर चल रही श्रीराम कथा में प्रवचन करते हुए कथावाचक आचार्य मनोज अवस्थी ने कहा कि राम शब्द सुख शांति के धाम का सूचक है। राम की प्राप्ति से ही सच्चे सुख एवं शांति की प्राप्ति होती है। जो अपनी इच्छा को श्रीराम की इच्छा के अधीन कर देता है उसे लोक परलोक के सुख प्राप्त हो जाते हैं और वह अनंत राम में समा जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

आचार्य ने कहा कि हमारे देश में राम और कृष्ण ऐसी दो महिमाशाली विभूतियां रही हैं जिनका अमिट प्रभाव समूचे भारत के जनमानस पर सदियों से अनवरत चला आ रहा है। श्रीराम का संपूर्ण जीवन अनुकरण करने योग्य है। अपने संपूर्ण जीवन का प्रबंध उन्होंने इतनी कुशलता से किया जो हमें इस बात की प्रेरणा देता है कि आदर्श जीवन कैसे जिया जाए।
आचार्य ने कहा कि भगवान राम ऐसे आदर्श पुरुष हैं जो अपनी प्रतिज्ञा एवं वचन का पालन करने के लिए अपने प्राणों तक की परवाह नहीं करते हैं। शरण में आने वाले को शरण देकर उसकी रक्षा का भार अपने ऊपर ले लेते हैं। इस मौके पर कथा संयोजक रामप्रकाश मिश्र एवं ओमप्रकाश मिश्र ने रामायण की आरती उतार कर प्रसाद वितरित किया। इस मौके पर भइयन शुक्ला, पप्पू, टिंकू दीक्षित, भानु प्रकाश तिवारी, राजीव मिश्रा, त्यागी सिंह, प्रवीन शुक्ला, हीरा लाल दीक्षित, महेश चंद्र शुक्ला उपस्थित थे।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें