मैनपुरी। कुछ ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना में धांधली मिल रही है। ई-मस्टरोल जनरेट होने के बाद भी धांधली की शिकायतें कम नहीं हैं। एक शिकायत पर सीडीओ ने जब जांच कराई तो पता लगा कि बिना खड़ंजा निर्माण के ही एक लाख पांच हजार 125 रुपये निकाल लिए गए। सीडीओ के निर्देश पर डीसी ने एक सप्ताह में ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव से स्पष्टीकरण मांगा है। सपष्टीकरण संतोषजनक न होने पर दोनों से रिकवरी की जाएगी।
विकास खंड कुरावली क्षेत्र के बिछिया विक्रमपुर निवासी एक व्यक्ति ने सीडीओ से शिकायत की थी कि गांव में मनरेगा योजना में धांधली की गई है। सीडीओ एके शर्मा ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सहायक अभियंता डीआरडीए अनिल कुमार चौहान को जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सहायक अभियंता ने गांव पहुंच कर जांच की। इसमें पाया कि मनरेगा योजना से दुर्गादास के घर से रतिराम के घर तक खड़ंजा निर्माण दिखाया गया है। इसके लिए एक लाख पांच हजार 125 रुपये की धनराशि व्यय की गई है। जबकि मौके पर खड़ंजा का निर्माण ही नहीं हुआ।
सीडीओ ने एई की रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त श्रम रोजकार मनरेगा राकेश रंजन को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। सीडीओ के निर्देश पर डीसी ने ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी को नोटिस भेजा है। नोटिस में एक सप्ताह के अंदर साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। कहा है कि यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक न हुआ तो दोनों के विरुद्ध धनराशि का दुरुपयोग मानते हुए वसूली के साथ-साथ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए डीपीआरओ को लिखा जाएगा।
पूर्व में भी हो चुकी है कार्रवाई
- ग्राम पंचायत दोस्तपुर में 87680 रुपये की रिकवरी और ग्राम प्रधान सहित पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
- ग्राम पंचायत खेड़ा महान में 3.32 लाख की रिकवरी भेजी गई।
- ग्राम पुरैया में 91741 रुपये की रिकवरी हुई।
- इज्जतपुर खजुरारा में 64203 रुपये की रिकवरी।
- ग्राम टिमरख में 1440 रुपये की रिकवरी हुई।
महत्वाकांक्षी मनरेगा योजना में धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कहीं मनरेगा में धांधली की जा रही है तो शिकायत की जाए। शिकायत पर तत्काल जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
- एके शर्मा, सीडीओ