मैनपुरी। कर्जा चुकाने और रबी की बुआई के लिए किसानों को औने-पौने दामों में धान बेचना पड़ रहा है। सरकारी खरीद केंद्रों पर किसानों का धान नहीं लेने की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। भारतीय किसान यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि खरीद केंद्रों पर किसान का धान नहीं लिया गया तो यूनियन धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होगी।
धान ए ग्रेड का समर्थन मूल्य 1345 रुपये और साधारण श्रेणी धान के दाम 1310 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किए गए हैं। खरीद केंद्रों पर किसानों का धान नहीं लेने से किसानों को मंडियों में एक हजार से 1100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान बेचना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि सरकारी खरीद केंद्र पर उनका धान कोई न कोई कमी निकाल कर वापस कर दिया जाता है। आरोप यह भी है कि खरीद केंद्रों पर बिचौलियों के माध्यम से धान खरीदा जा रहा है। किसान रूपलाल ने बताया कि उत्पादन लागत काफी बढ़ गई। ऐसे में अब मंडी में मिल रहे दाम से धान की लागत भी निकलती नहीं दिख रही है।
किसान अतर सिंह शाक्य ने आरोप लगाया कि सरकारी खरीद केंद्र पर सूखा एवं साफ धान ले जाने पर भी कोई न कोई बहाना बनाकर धान खरीदने से इनकार कर दिया जाता है। मंडी में भी व्यापारियों एवं आढ़तियों की मिली भगत होने से वास्तविक मूल्य नहीं मिल पा रहा है। किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष तिलक सिंह राजपूत ने कहा कि सरकारी खरीद कें द्रों पर अधिक नमी होने का बहाना कर किसानों को लौटाया जा रहा है। वहीं, जिले के अधिकांश खरीद केंद्रों पर अब तक खरीद ही शुरू नहीं हुई है। यदि किसानों को धान का समर्थन मूल्य नहीं मिला तो यूनियन धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होगी।
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11.2 मीट्रिक टन की हो सकी खरीद
जिले में 21 खरीद केंद्र खोले गए हैं। सबसे अधिक 13 खरीद कें द्र पीसीएफ के हैं। जबकि खाद्य विभाग के पांच और यूपी कर्मचारी कल्याण निगम, एफसीआई और यूपी एग्रो का एक-एक केंद्र खोला गया है। अब तक केवल किशनी के पीसीएफ केंद्र पर ही 11.2 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। जबकि अन्य केंद्रों पर खरीद भी शुरू नहीं हो सकी है।
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खरीद केंद्रों पर किसान का धान खरीदने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं मंडी में समर्थन मूल्य के अनुसार ही खरीद करने को कहा गया है। मंडी में 6-आर का पर्चा काटने के निर्देश दे दिए गए हैं। 17 फीसदी नमी तक धान की खरीद करने के निर्देश हैं। अभी धान 20 प्रतिशत से अधिक नमी का आ रहा है। यदि किसानों को कोई शिकायत है तो उनसे कर सकते हैं।
- डाक्टर चंद्रभूषण, एडीएम