मैनपुरी/बरनाहल। थाना बरनाहल के गांव मुगलपुर में शनिवार रात घर में सो रही विधवा महिला कमला देवी की गला दबाकर हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद शव को बोरे में बंद करके गांव के बाहर एक खेत में फेंक दिया। रविवार सुबह सूचना मिलने पर वहां पहुंचे उसके भतीजे संजू ने देवर सुनील सहित अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। गांव पहुंची पुलिस ने सुनील को हिरासत में लिया है।
मुगलपुर निवासी श्याम नरेश सविता की दो साल पहले बीमारी से मौत हो चुकी है। पति की मौत के बाद कमलादेवी (36) गांव में ही देवर सुनील के साथ रहने लगी थी। पांच महीने पहले उसने पुत्री माया की शादी रवि कुमार निवासी साढ़ूपुर थाना मक्खनपुर जिला फीरोजाबाद के साथ की थी। शादी करने के लिए उसने दो बीघा खेत गिरवी रखा था। सुनील खेत नही छुड़ाना चाहता था और कमला खेत छुड़ाने की जिद कर रही थी। इसको लेकर उसका सुनील से आए दिन विवाद होता था।
शनिवार राम कमला घर में सो रही थी। रात में धोती से उसकी गला दबाकर हत्या करने के बाद शव को बोरे में बंद करके गांव के बाहर प्रभूदयाल शाक्य के मकान के पीछे फेंक दिया। रविवार सुबह शौच को गए ग्रामीणों ने बोरा देखा तो ग्रामीण वहां जमा हो गए। बोरे में शव होने की सूचना पर पुलिस भी गांव पहुंच गई। पुलिस ने बोरा खुलवाया तो उसमें कमला का शव मिला।
कमला के बड़े पुत्र नैनू की सूचना पर कमला की बहन का पुत्र संजू निवासी केशोपुर थाना बरनाहल भी वहां पहुंच गया। उसने सुनील सहित अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या कर शव को गायब करने की तहरीर दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के साथ ही सुनील को हिरासत में ले लिया। जानकारी होने पर उसकी पुत्री माया ससुराल से और मायके यादव नगर कुसमरा से भाई विनोद कुमार भी परिवार के लोगों के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव विनोद को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया। थाने में पुलिस सुनील से पूछताछ कर रही है।
बच्चों का रो रोकर बुरा हाल
कमला के पुत्र नैनू (13) को रात में पता ही नहीं चला कि उसकी मां की हत्या हो चुकी है। वह अपने भाई सोेनू (12), श्याम सुंदर (10), अरुण (8), पुजारी (6), कलुआ (4) के साथ दूसरे कमरे में सो रहा था। रविवार सुबह जागने पर मां को घर में नहीं देख उसने चाचा सुनील से पूछा तो उसने कुछ भी नहीं बताया। गांव के बाहर मां का शव मिलने की पता चलते ही सभी वहां पहुंच गए। वहीं ग्रामीणों का कहना था कि बच्चों के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। अब मां का साया भी उठ गया है। अब बच्चों की परवरिश कैसे होगी। मामा विनोद सभी बच्चों को अपने साथ ले गए हैं।