बाबा साहब का सपना सम्राट अशोक जैसा धर्म सापेक्ष, पंथ निरपेक्ष, लोक कल्याणकारी सुशासन स्थापित करना था। मानवता और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए देश काल, परिस्थिति के अनुसार कार्य करना चाहिए। बातें शनिवार को राज मैरिज होम में धम्म समर्थकों और भाजपा नेताओं को संबोधित करते हुए यात्रा के मुख्य संयोजक शीला रक्षित भिक्षु रॉकी ने कहीं।
भीमराव अंबेडकर की 125वीं जयंती पर सारनाथ से 24 अप्रैल को शुरू हुई धम्म चेतना यात्रा शनिवार की सुबह ट्रांजिस्ट हास्टल पहुंची। भाजपा नेताओं ने यात्रा मुख्य संयोजक सहित यात्रा में शामिल भंते भिक्षुओं का स्वागत किया। इसके बाद राज मैरिज होम में भाजपा नेताओं से मिलने के बाद यात्रा में शामिल भंते भिक्षु किशनी के लिए रवाना हो गए। एहतियात के तौर पर पुलिस बल भी यात्रा के साथ रहा। मुख्य संयोजक ने कहा कि 24 अप्रैल को सारनाथ से शुरू हुई चेतना यात्रा का 14 अक्तूबर को लखनऊ में समापन होगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न धार्मिक मतों का यथासंभव ध्रुवीकरण करते हुए धर्म के प्राकृतिक स्वरूप को अपनाकर भारत की दूसरी आजादी धार्मिक आजादी लाकर अंधविश्वास, कुरीतियां, रूढ़िवादिता का त्याग करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सभी को मिलजुलकर भारत को शक्तिशाली राष्ट्र बनाकर विश्वबंधुत्व एवं विश्वशांति में योगदान करना है। जाति, संप्रदाय, धार्मिक मतों पर आधारित विवादों से ऊपर उठकर सर्व मंगलम का व्यवहारिक रूप प्रदान करना है। गुंडागर्दी, आतंकवाद, उग्रवाद, नक्सलवाद का बौद्धिक परिवर्तन करके सामाजिक परिवर्तन लाना है। संघ नायक डा. धम्म वीरियो, भदंत शांतिप्रिय, भदंत पंडितानंद, सुरजित बरूआ, भदंत कल्याण ज्योति ने भी विचार व्यक्त किए। जिला संयोजक प्रेमसिंह शाक्य, पूर्व विधायक अशोक चौहान, शिव ओंकार नाथ पचौरी, शिवदत्त भदौरिया, अरविंद तोमर, राहुल राठौर, अनुराग पांडेय, प्रदीप चौहान, सौरभ दुबे, संजय टायसन, शिखर मोहन राजपूत, अमित गुप्ता, अरुण प्रताप सिंह, शिवऔतार बाल्मीकि आदि मौजूद थे।