छाता के विधायक तेजपाल सिंह के बेटे अतुल सिसौदिया का सपा से दाखिल नामांकन पत्र निरस्त हो गया है। उन्होंने निर्दलीय के तौर भी नामांकन पत्र दाखिल किया था, लिहाजा अब वह आजाद लड़ेंगे। आठ अन्य प्रत्याशियों के फार्म भी निरस्त हो गए।
सिसौदिया का नामांकन इसलिए निरस्त हो गया क्योंकि सपा ने साइकिल चुनाव चिह्न का अधिकार पत्र लोकमणिकांत जादौन को दे दिया था। पहले यह सिसौदिया को मिला था। अब जिले में प्रत्याशियों की संख्या 72 से घटकर 63 रह गई है।
बुधवार को विधानसभा चुनावों के प्रथम चरण में नामांकन पत्रों की जांच का कार्य पूर्ण हो गया। विधानसभा स्तर पर प्रेक्षकों की मौजूदगी में 72 नामांकन पत्रों की जांच की गई। नौ नामांकन निरस्त किए गए। इसमें सबसे अधिक छह नामांकन छाता विधानसभा क्षेत्र से हैं।
इसमें भी सपा प्रत्याशी के रूप में छाता से अतुल सिसौदिया का नामांकन भी था। अब उनका निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन स्वीकृत हुआ है। छाता विधानसभा क्षेत्र से ही मोनी बाबा, अतुल सिंह, श्याम सुंदर, बोधराज, मनोज कुमार का नामांकन भी निरस्त हुआ है।
मांट विधानसभा से देवेंद्र, गोवर्धन विधानसभा से राम और मथुरा विधानसभा से आरिफ का नामांकन पत्र निरस्त हुआ। बलदेव विधानसभा क्षेत्र से कोई नामांकन निरस्त नहीं हुआ है। नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया के दौरान पूर्व मंत्री श्याम सुंदर शर्मा, अतुल सिसौदिया, तेजपाल सिंह सहित विभिन्न दलों के प्रत्याशी और उनके अधिकृत प्रतिनिधि कलेक्ट्रेट पहुंचे।