मथुरा/छाता। छाता कोतवाली क्षेत्र के गांव गोहारी के निकट एक विवाहिता ने प्रेमी संग रात्रि में ट्रेन से कटकर जान दे दी। प्रेमी उक्त विवाहिता से मिलने उसके मायके पहुंचा था। विवाहिता रात्रि में बहाने से गायब हो गई। सुबह दोनों का शव छाता के निकट रेलवे लाइन किनारे मिला।
यमुनापार के गांव नगला चिंरजी रसखान नगरी निवासी मान सिंह ने पुत्री बीनू देवी की शादी छह वर्ष पूर्व राजस्थान के कामां तहसील निवासी युवक किशन सिंह के साथ की थी। किशन सिंह ग्वालियर की एक कंपनी में काम करता है। दोनों दो अगस्त को गंाव नगला चिरंजी रक्षाबंधन पर बूरा खाने और राखी बांधने गए थे। शनिवार सुबह 6:30 बजे रेलवे के गैंगमैन ने मथुरा-दिल्ली रेलमार्ग पर किलोमीटर संख्या 1432 व खंभा संख्या 15/17 के पास फाटक संख्या 545 पर युवक-युवती के लाइन पर कटे पड़े होने की सूचना छाता स्टेशन मास्टर को दी। दोनों की गर्दन रेल लाइन के निकट पास कटी पड़ी थी। स्टेशन मास्टर ने छाता पुलिस को अवगत कराया।
पुलिस ने शव के पास मिले विजिटिंग कार्ड पर अंकित नंबरों पर फोन किए तो युवक को अलीगढ़ जनपद के थाना अतरौली के गांव बहरावत निवासी प्रदीप बताया गया। वहीं बाद में युवती की शिनाख्त बीनू देवी पत्नी किशन सिंह निवासी कामां भरतपुर राजस्थान के रूप में हुई।
छाता कोतवाली पहुंचे मान सिंह व अन्य परिवारीजनों ने बताया कि प्रदीप अविवाहित था। वह रिश्ते में मान सिंह के साले के साले का लड़का था। प्रदीप का पूर्व से नगला चिंरंजी आना जाना था। दो अगस्त को किशन सिंह व बीनू दोनों रक्षा बंधन पर नगला चिरंजी आए। छाता कोतवाली में मान सिंह ने बताया कि रात्रि एक बजे बीनू जंगल जाने की कहकर घर से निकली फिर घर नहीं लौटी। रात्रि में उसे खोजा गया। शनिवार सुबह उसके छाता में रेलवे लाइन पर पड़े होने की सूचना मिली। मान सिंह ने बताया कि बीनू पर डेढ़ वर्ष की एक लड़की है। छाता पुलिस ने दोनों के शव कब्जे में ले लिए और पोस्टमार्टम को भेज दिया। छाता कोतवाल ने बताया कि दोनों में पूर्व से प्रेम प्रसंग चल रहा था। ।
पैर थे कीचड़ सने
मथुरा/छाता (ब्यूरो)। छाता के निकट गोहारी रेलवे लाइन के फाटक पर मृत अवस्था में मिले युवक-विवाहिता के पैर कीचड़ से सने थे। देखने में लग रहा था वे रास्ता न होने पर खेतों में बोई धान की फसल व अन्य कीचड़ से गुजरते हुए रेल लाइन तक पहुंचे थे।